लखनऊ के पास इन 7 बेहतरीन हिल स्टेशनों पर बिताएं अपना वीकेंड, मिलेगी मन को खुशी

उत्तर प्रदेश की राजधानी नवाबों के शहर लखनऊ के बारे में तो सभी जानते हैं जो अपनी तहजीब के साथ ही खानपान, ऐतिहासिक इमारतों, चिकनकारी, बोली के साथ ही पर्यटन के लिए जाना जाता हैं। कई लोग तो लखनऊ सिर्फ यहां के नॉनवेज पकवानों का स्वाद लेने पहुंच जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लखनऊ के पास कई हिल स्टेशन हैं जो पर्यटन के तौर पर अपनी विशेष पहचान रखते हैं। वीकेंड के मौके पर कुछ ठंडी जगहों पर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो लखनऊ के पास मौजूद इन शानदार हिल स्टेशन पर घूमने का मजा ले सकते हैं। हिमालय की पहाड़ियों की गोद में बसे ये हिल स्टेशन रोमांच के साथ अद्भुद अहसास देंगे। आइये जानते हैं इनके बारे में...

मुक्तेश्वर

मुक्तेश्वर शहर लखनऊ के पास सबसे अच्छे हिल स्टेशनों में से एक है। कुमाऊं की पहाड़ियों में 2171 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह नैनीताल से 51 किमी और लखनऊ से 417 किमी दूर है। शहर में बहुत अधिक पर्यटक स्थल नहीं हैं लेकिन मुक्तेश्वर में प्रकृति के खूबसूरत नजारे और यहां की शांति देखने लायक है। ये जगह दोस्तों, परिवार वालों और पार्टनर के साथ घूमने के लिए वीकेंड की बेस्ट जगहों में आती है। मुक्तेश्वर का मनमोहक नजारा किसी को भी आसानी से अपनी तरफ खींच सकता है. यहां स्थित भालु गाड झरना, मुक्तेशवर महादेव मंदिर, मुक्तेश्वर धाम मंदिर और चौली की जाली पर हाईकिंग एडवेंचर आपकी ट्रिप को रोमांचक बना सकता है. अगर मौसम साफ हो तो मुक्तेश्वर में हिमालय की पर्वत चोटियों के पाछे से उगते सूरज का सुंदर नजारा देखा जा सकता है और नालकंठ, नंदादेवी और त्रिशूल आदि पर्वतश्रेणियां भी देखी जा सकती हैं। यहां इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट है जहां जानवरों पर रिसर्च की जाती है।

पंगोट

लखनऊ से पंगोट की दूरी 400 किमी दूर है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं तो नैनीताल घूमने के साथ-साथ आपको हिल स्टेशन पर भी घूमने के लिए जाना चाहिए। इसकी खूबसूरती और शांत वातावरण की वजह से ये लखनऊ के सबसे अच्छे हिल स्टेशनों में से एक है। साल भर पर्यटकों द्वारा बड़ी संख्या में पहाड़ी स्टेशन का दौरा किया जाता है। ग्रीष्म ऋतु में गर्म और वर्तनी बाध्य मौसम सर्दियों में बर्फ से ढाका हुआ पर्वत शिखर दुनिया भर के आगंतुकों को आकर्षित करता है। पंगोट एक शांत वातावरण वाली जगह है यह पर्यटकों के लिए आदर्श स्थान है। यहां का शांत और खूबसूरत नजारा सीधा लोगों के दिल पर दस्तक देता हैं. वहीं घने जंगल और सुंदर पक्षियों के लिए मशहूर पंगोट सेल्फी लवर्स के लिए बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता हैै।

पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ के सुरम्य शहर को कुछ लोग प्यार से लिटिल कश्मीर कहते हैं। पिथौरागढ़ एक छोटा सा शहर है जो दिसंबर में बर्फ से ढके पहाड़ों के खूबसूरत दृश्यों को पेश करने में कोई कमी नहीं छोड़ता। यह लखनऊ से लगभग 446 किमी दूर 1514 मीटर की ऊंचाई पर है। पिथौरागढ़ का पुराना नाम सोरघाटी है। सोर शब्द का अर्थ होता है-- सरोवर। यहाँ पर माना जाता है कि पहले इस घाटी में सात सरोवर थे। दिन-प्रतिदिन सरोवरों का पानी सूखता चला गया और यहाँपर पठारी भूमि का जन्म हुआ। पठारी भूमी होने के कारण इसका नाम पिथौरा गढ़ पड़ा। पहाड़ों के मनोरम दृश्य के अलावा, कैलाश आश्रम, चांडक रिजर्व फॉरेस्ट, मोस्तमानु मंदिर, कामाख्या मंदिर, महाराजके मंदिर, कपिलेश्वर महादेव मंदिर, थलकेदार मंदिर, अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य, पिथौरागढ़ किला, लंदन का किला जैसे यहां कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं।

चित्रकूट

भगवान राम के वनवास काल का साक्षी कहे जाने वाला चित्रकूट धाम आपकी वीकेंड यात्रा के लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यह पर्यटन स्थल लखनऊ से 231 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बुन्देलखण्ड क्षेत्र मे स्थित है और बहुत सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व रखता है। चित्रकूट भगवान राम की कर्म भूमि है। भगवान राम ने वनवास के 11 वर्ष चित्रकूट मे बिताये थे। चित्रकूट मन्दिरो का शहर और धार्मिक स्थल है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और पथरीले पहाड़, सैलानियों का मन मोह लेते हैं। घूमने के लिए यहां पर रामघाट, भरत मिलाप मंदिर, मंदाकिनी नदी और जानकी कुंड जैसे पर्यटक स्थल मौजूद हैं। ठहरने के लिए यहां पर कई धर्मशालाएं मौजूद हैं, जहां आप बेहद कम दामों में ठहर सकते हैं।

चम्पावत

चंपावत शहर, उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित एक प्राचीन पहाड़ी शहर है। चंपावत लखनऊ से 286 किमी की दूरी पर और 1615 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। चंपावत साल भर घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है। गर्मियों के दौरान यहां तापमान काफी सुखद रहता है, और सर्दियों के दौरान काफी ठंडा है। एक पर्यटक आकर्षण होने के अलावा, यह शहर महत्वपूर्ण धार्मिक महत्व भी रखता है। चंपावत को भगवान विष्णु के 'कछुए अवतार' का स्थान माना जाता है। यहां के आकर्षण के स्थानों में क्रांतिेश्वर मंदिर, घाटकू मंदिर, बालेश्वर मंदिर, अद्वैत आश्रम, नागनाथ मंदिर और शनि मंदिर शामिल हैं। ये जगह बाइक लवर्स के लिए भी बेहद पसंदीदा मानी जाती है। पहाड़ों और मैदानों के बीच से होकर बहती नदियाँ अद्भुत छटा बिखेरती हैं। चंपावत में पर्यटकों को वह सब कुछ मिलता है जो वह एक पर्वतीय स्थान से चाहते हैं। वन्यजीवों से लेकर हरे-भरे मैदानों तक और ट्रैकिंग की सुविधा, सभी कुछ यहाँ पर है।

भीमताल

उत्तराखंड का भीमताल हिल स्टेशन लखनऊ से करीब 375 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्य आपके मन को सुकून देता है। भीमताल हिल स्टेशन को नैनीताल की छोटी बहन भी कहा जाता है। अगर आप 2 दिन की छुट्टी पर किसी ठंडी जगह पर जाना चाहते हैं तो भीमताल का रुख सकते हैं। घूमने के लिए यहां पर भीमताल झील, विक्टोरिया बांध, हिडिंबा पर्वत, भीमेश्वर महादेव मंदिर और सैयद बाबा मजार जैसी जगहें बेहद फेमस हैं। भीमताल की झील पर्यटकों के लिए बहुत मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करती है। यह झील नैनीताल के झील से बडी है। पर्यटक यहॉ पर नौकायान का आनंद ले सकते हैं। यहॉ का एक और आकर्षण झील के मध्य स्थित टापू पर बना मछलीघर है। पर्यटक इस मछलीघर पर नाव द्वारा आ जा सकते हैं।

बिनसर

बिनसर लखनऊ के पास के हिल स्टेशनों में से एक है और अपनी असली सुंदरता और हरी-भरी हरियाली के लिए जाना जाता है। बिनसर एक ऐसा स्थान है जो अनछुए प्राकृतिक वैभव और शांत परिवेश के लिए जाना जाता है। कोलाहल और प्रदूषण भरे दैनिक जीवन से ऊब कर लोग ऐसे ही स्थान पर चंद रोज बिताना चाहते हैं। वैसे भी बिनसर किसी भी मुख्य मार्ग से हट कर स्थित है, इसलिए यहां पहुंचने वाले सैलानी अपने आप ही भीड़-भाड़ से दूर हो जाते हैं। चूंकि यह अल्मोड़ा से केवल 33 किमी दूर है, तो आप अल्मोड़ा घूमने के बाद इस खूबसूरत हिल स्टेशन के चक्कर भी लगा सकते हैं। लहरदार घास के मैदान और बर्फ से लदी चोटियों के नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर सकते हैं। बिनसर वन्यजीव अभयारण्य, पक्षी देखने वालों और वन्यजीव लवर्स के बीच एक लोकप्रिय स्थान है। बनेश्वर मंदिर और जीरो पॉइंट बिनसर के अन्य प्रसिद्ध आकर्षण हैं।