गर्मियों में ठंडी चीजें पीने का मन होना बिल्कुल आम बात है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच लोग शरीर को राहत देने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स, जूस और चिल्ड बीयर का सहारा लेते हैं। कई लोगों को लगता है कि गर्मी में ठंडी बीयर पीने से शरीर को तुरंत ठंडक मिलती है और थकान दूर हो जाती है। हालांकि यह राहत कुछ समय के लिए जरूर महसूस होती है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसका शरीर पर नकारात्मक असर भी पड़ सकता है। खासकर ज्यादा मात्रा में बीयर पीना गर्मियों में शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
दरअसल, बीयर में मौजूद अल्कोहल शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकता है। गर्मियों में पहले ही पसीने के जरिए शरीर से काफी पानी निकलता है और ऐसे में बीयर का सेवन डिहाइड्रेशन की समस्या को और बढ़ा सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर गर्म मौसम में शराब या अल्कोहल वाली ड्रिंक्स सीमित मात्रा में लेने की सलाह देते हैं।
क्या गर्मियों में बीयर पीना सुरक्षित है?अक्सर लोग मानते हैं कि बीयर शरीर को ठंडा रखने में मदद करती है और इससे प्यास भी शांत होती है। लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। बीयर शरीर को हाइड्रेट करने की बजाय डिहाइड्रेट कर सकती है। यानी यह शरीर से पानी बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज कर देती है। गर्मियों में यह स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है क्योंकि इस मौसम में शरीर को अधिक पानी की जरूरत होती है।
बीयर में मौजूद अल्कोहल किडनी की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है, जिससे बार-बार यूरिन आता है और शरीर का फ्लूइड तेजी से कम होने लगता है। यही कारण है कि बीयर पीने के बाद कई लोगों को कमजोरी, थकान और सिर भारी लगने जैसी समस्याएं महसूस होती हैं।
डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ सकती हैगर्मी के मौसम में शरीर लगातार पसीने के जरिए खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है। इस दौरान शरीर से काफी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। अगर ऐसे समय में बीयर का सेवन किया जाए, तो शरीर में पानी की कमी और तेजी से बढ़ सकती है।
बीयर एक डाईयूरेटिक ड्रिंक मानी जाती है, जिसका मतलब है कि यह पेशाब की मात्रा बढ़ा देती है। लगातार ऐसा होने पर शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके कारण चक्कर आना, मुंह सूखना, सिरदर्द, थकान और कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
शरीर के तापमान पर भी पड़ता है असरहालांकि चिल्ड बीयर पीते समय शरीर को ठंडक महसूस होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर का तापमान वास्तव में नियंत्रित हो रहा है। अल्कोहल ब्लड वेसल्स को फैलाता है, जिससे त्वचा की सतह पर थोड़ी ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन अंदरूनी अंगों का तापमान प्रभावित हो सकता है।
कई बार ज्यादा बीयर पीने से शरीर का तापमान संतुलित रखने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। गर्म मौसम में यह स्थिति परेशानी बढ़ा सकती है और शरीर जल्दी थकने लगता है।
पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैंबहुत ज्यादा ठंडी बीयर पीना पाचन तंत्र पर भी असर डाल सकता है। इससे पेट में गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कुछ लोगों को भारीपन और अपच की शिकायत भी होने लगती है।
अल्कोहल पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकता है, जिससे डाइजेशन धीमा हो जाता है। अगर बीयर के साथ तला-भुना या मसालेदार खाना खाया जाए, तो समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता हैगर्मियों में ज्यादा अल्कोहल लेने से शरीर की हीट को सहन करने की क्षमता कम हो सकती है। कई बार व्यक्ति को यह महसूस ही नहीं होता कि उसका शरीर जरूरत से ज्यादा गर्म हो चुका है। यही कारण है कि धूप में लंबे समय तक रहने पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गर्मी में अल्कोहल शरीर के नेचुरल कूलिंग सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में ज्यादा देर धूप में रहने या पानी कम पीने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
वजन और लिवर पर असरबीयर में कैलोरी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। नियमित रूप से या अधिक मात्रा में बीयर पीने से वजन तेजी से बढ़ सकता है, खासकर पेट के आसपास चर्बी जमा होने लगती है। यही वजह है कि इसे अक्सर “बीयर बेली” से जोड़कर देखा जाता है।
इसके अलावा लगातार अल्कोहल का सेवन लिवर पर भी दबाव डालता है। लंबे समय तक अधिक बीयर पीने से फैटी लिवर और अन्य लिवर संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
अगर गर्मियों में कभी-कभार बीयर पी भी रहे हैं, तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। साथ ही खाली पेट अल्कोहल लेने से बचना चाहिए और इसकी मात्रा सीमित रखना बेहतर माना जाता है।