आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने का सबसे सरल और असरदार तरीका पैदल चलना माना जाता है। रोजाना वॉक करने से न सिर्फ शरीर एक्टिव रहता है, बल्कि कई तरह की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर एक दिन में कितने किलोमीटर या कितने कदम चलना सही है और क्या सभी के लिए 10,000 स्टेप्स का नियम जरूरी है? असल में यह हर व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। इसलिए अलग-अलग उम्र के हिसाब से चलने की सही मात्रा जानना जरूरी है।
1. बच्चे और किशोर (5 से 18 वर्ष)इस उम्र में शरीर तेजी से विकसित हो रहा होता है और ऊर्जा का स्तर भी काफी अधिक होता है। बच्चों के लिए सिर्फ वॉक ही नहीं बल्कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहना बेहद जरूरी है। इस उम्र के बच्चों को लगभग 12,000 से 15,000 कदम रोजाना चलने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें आउटडोर गेम्स, दौड़ना, साइकिल चलाना और अन्य फिजिकल एक्टिविटी में शामिल करना चाहिए, जिससे हड्डियां मजबूत हों और शरीर का संपूर्ण विकास बेहतर तरीके से हो सके।
2. युवा वर्ग (18 से 40 वर्ष)यह वह समय होता है जब लोग पढ़ाई, नौकरी और जिम्मेदारियों में काफी व्यस्त रहते हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करने और खराब दिनचर्या की वजह से वजन बढ़ने और लाइफस्टाइल डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस उम्र के लोगों के लिए रोजाना 10,000 से 12,000 कदम चलना आदर्श माना जाता है। नियमित वॉक करने से मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और डायबिटीज, मोटापा तथा हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।
3. अधेड़ उम्र (40 से 60 वर्ष)40 की उम्र के बाद शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं, जैसे हार्मोनल असंतुलन और जोड़ों में दर्द की समस्या। इसलिए इस उम्र में नियमित पैदल चलना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। इस वर्ग के लोगों को रोजाना 8,000 से 10,000 कदम चलने की सलाह दी जाती है। अगर एक बार में लंबी दूरी चलना मुश्किल हो तो इसे सुबह और शाम दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। इस उम्र में हल्की ब्रिस्क वॉक शरीर को फिट रखने का अच्छा विकल्प है।
4. बुजुर्ग (60 वर्ष से अधिक उम्र)बुढ़ापे में पैदल चलने का मुख्य उद्देश्य शरीर को सक्रिय बनाए रखना और मांसपेशियों की अकड़न को कम करना होता है। इस उम्र के लोगों के लिए रोजाना 5,000 से 7,000 कदम चलना पर्याप्त माना जाता है। अगर किसी को घुटनों में दर्द, चक्कर या बैलेंस की समस्या हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा वॉक नहीं करनी चाहिए। हल्की और नियंत्रित वॉक इस उम्र में सबसे सुरक्षित मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।