राहुल गांधी ने बताया फिटनेस का मंत्र, 56 की उम्र में भी रहते हैं एक्टिव; जानें किन चीजों से बनाई दूरी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी राजनीतिक सक्रियता के साथ-साथ फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। 56 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस और एनर्जेटिक अंदाज अक्सर लोगों का ध्यान खींचता है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनका कैजुअल लुक हो या फिर लंबे सफर और पदयात्राओं के दौरान उनकी एक्टिवनेस, राहुल गांधी की फिटनेस को लेकर लोगों की दिलचस्पी बनी रहती है। ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर वह खुद को इतना फिट और एक्टिव कैसे रखते हैं।

अब राहुल गांधी ने खुद अपने फिटनेस रूटीन से जुड़ी कई बातें साझा की हैं। एक ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन के दौरान जब एक छात्र ने उनसे उनकी फिटनेस का राज पूछा, तो उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि फिट रहने के लिए केवल जिम में जाकर एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं है। इसके लिए लाइफस्टाइल में अनुशासन के साथ-साथ कुछ पसंदीदा चीजों से दूरी बनाना भी जरूरी है।

राहुल गांधी ने बताया कि फिटनेस के लिए उन्होंने भी अपनी कुछ आदतों पर नियंत्रण किया है। उनका मानना है कि शरीर को स्वस्थ और एक्टिव रखने के लिए एक्सरसाइज के साथ खान-पान और रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान देना चाहिए।
सिर्फ जिम नहीं, कई तरह की एक्टिविटीज करते हैं राहुल गांधी

राहुल गांधी ने बताया कि वह जिम जाने के लिए कोई बेहद सख्त समय तय करके नहीं चलते। जब उन्हें समय मिलता है, वह वर्कआउट के लिए जिम चले जाते हैं। हालांकि, उनका फिटनेस रूटीन केवल जिम और मशीनों तक सीमित नहीं है।

उन्होंने बताया कि वह मार्शल आर्ट्स, रनिंग और स्विमिंग जैसी शारीरिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेते हैं। इन एक्टिविटीज को अपने रूटीन में शामिल करने से शरीर लगातार एक्टिव रहता है और फिटनेस को बनाए रखने में मदद मिलती है।

मार्शल आर्ट्स से शरीर की ताकत और फुर्ती पर काम किया जा सकता है, जबकि रनिंग और स्विमिंग जैसी गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने के साथ स्टैमिना बढ़ाने में मदद करती हैं। राहुल गांधी का फिटनेस मंत्र भी इसी तरह अलग-अलग शारीरिक गतिविधियों को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर आधारित नजर आता है।

फिटनेस में सबसे जरूरी है निरंतरता

राहुल गांधी ने फिटनेस के लिए कंसिस्टेंसी को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि केवल कुछ दिनों तक एक्सरसाइज करने से फिटनेस हासिल नहीं की जा सकती। अगर कोई व्यक्ति दो दिन वर्कआउट करता है और फिर तीन दिन तक एक्सरसाइज छोड़ देता है, तो इससे नियमित फिटनेस रूटीन तैयार नहीं हो पाता।

उनके मुताबिक, शरीर को एक्टिव और फिट बनाए रखने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करना जरूरी है। इसके लिए व्यक्ति को अपने व्यस्त शेड्यूल में भी वर्कआउट या किसी दूसरी शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालना चाहिए।

फिटनेस का असर तभी बेहतर तरीके से दिखाई देता है, जब एक्सरसाइज को कभी-कभार की जाने वाली गतिविधि के बजाय रोजमर्रा की आदत बनाया जाए। राहुल गांधी के अनुसार, नियमितता के साथ किया गया वर्कआउट लंबे समय तक शरीर को एक्टिव रखने में मदद करता है।

फिट रहने के लिए इस पसंदीदा चीज से बनाई दूरी

राहुल गांधी ने अपने फिटनेस रूटीन से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात यह बताई कि उन्होंने अपनी पसंद की कुछ चीजों से दूरी बनाई हुई है। उनका कहना है कि अगर जीवन में कोई लक्ष्य हासिल करना है, तो उसके लिए कुछ समझौते करने पड़ते हैं।

उन्होंने बताया कि उन्हें मीठा खाना काफी पसंद है, लेकिन फिटनेस को ध्यान में रखते हुए वह मीठे से दूरी बनाए रखते हैं। खासतौर पर उन्होंने आइसक्रीम खाना छोड़ रखा है। इसके अलावा वह चावल भी नहीं खाते हैं। स्नैक्स और जंक फूड से भी वह दूरी रखना पसंद करते हैं।

राहुल गांधी का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति दिनभर लगातार स्नैकिंग करता रहता है या जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन करता है, तो केवल एक्सरसाइज के जरिए फिट रहना मुश्किल हो सकता है। इसलिए फिटनेस के लिए सिर्फ वर्कआउट करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुछ ऐसी आदतों को भी नियंत्रित करना पड़ता है जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।

उनका फिटनेस मंत्र यही है कि अगर शरीर को फिट और एक्टिव रखना है, तो पसंदीदा लेकिन अनहेल्दी चीजों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। यानी फिटनेस के लिए जितना महत्व एक्सरसाइज का है, उतना ही अहम खान-पान और लाइफस्टाइल का अनुशासन भी है।

हेल्दी डाइट के बिना फिटनेस अधूरी

राहुल गांधी के मुताबिक, फिट रहने के लिए एक्सरसाइज के साथ संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना भी बेहद जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से वर्कआउट करता है, लेकिन उसका खान-पान संतुलित नहीं है, तो उसे फिटनेस के अपेक्षित फायदे नहीं मिल सकते।

अपने खान-पान के बारे में बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें ऑमलेट, इडली और डोसा पसंद हैं। वहीं, लंच और डिनर में उनकी डाइट में सब्जी, दाल, रोटी और सलाद जैसी चीजें शामिल रहती हैं। इसके अलावा वह फलों का भी सेवन करते हैं।

उनकी डाइट में सामान्य और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है। सब्जियां, दाल, रोटी और सलाद जैसे खाद्य पदार्थ रोजाना के भोजन को संतुलित बनाने में मदद कर सकते हैं, जबकि फलों से शरीर को जरूरी पोषक तत्व और फाइबर मिलते हैं।

राहुल गांधी की बताई बातों से साफ है कि फिटनेस के लिए कोई एक शॉर्टकट नहीं है। नियमित एक्सरसाइज, अलग-अलग शारीरिक गतिविधियां, संतुलित डाइट और कुछ पसंदीदा चीजों से दूरी—इन सभी को मिलाकर एक हेल्दी लाइफस्टाइल तैयार होती है।

अगर आप भी उम्र बढ़ने के बावजूद खुद को फिट, एक्टिव और एनर्जेटिक बनाए रखना चाहते हैं, तो अपने रोजमर्रा के जीवन में नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ हेल्दी डाइट को शामिल कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी डाइट या एक्सरसाइज रूटीन को अपनी उम्र, शरीर की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अपनाना बेहतर रहता है।