अनार से जुड़े हैं सेहत के तार, हर बीमारी में हमें संभालकर फिर से कर देता है मजबूती से खड़ा!

अनार काफी पौष्टिक होता है। अगर हम इसका नित्य सेवन करें तो हमारे बीमार पड़ने की संभावना बहुत कम हो जाती है। तभी तो आमतौर पर जब भी हम बीमार होते हैं तो हमें डॉक्टर अनार और सेव खाने की सलाह देते हैं, जिससे हम जल्दी रिकवर हो जाएं। यह हमारे अंदर विटामिन की कमी पूरी करता है। इसमें विटमिन ए, सी और ई, फोलिक ऐसिड तथा एंटी-आक्सिडेंट्स भी होते हैं।


1. इम्यूनिटी मजबूत करे

खट्टे फलों में विटामिन सी अधिक मात्रा में पाया जाता है। खट्टे फलों को नापसंद करने वाले लोगों के लिए अनार बहुत फायदेमंद होता है। एक अनार के अंदर दैनिक जरूरत के हिसाब से लगभग 40 प्रतिशत विटमिन सी होता है।


2. अनार के सेवन से एनीमिया और पीलिया में फायदा

- एनीमिया, और पीलिया रोग के उपचार के लिए 250 मिली अनार के रस में, 750 ग्राम चीनी मिलाकर चाशनी बना लें। इसे दिन में 3-4 बार सेवन करें। इससे एनीमिया और पीलिया में फायदा होता है।

- अनेक लोगों को थकान और कमजोरी की शिकायत रहती है। ऐसे लोग 20 ग्राम अनार के ताजे पत्ते लेकर, 400 मिली पानी में उबाल लें। जब पानी 100 मिली शेष रह जाएं, तो इसमें गर्म दूध मिलाकर पिएं। इससे शारीरिक और मानसिक कमजोरी ठीक होती है।
- एनीमिया और पीलिया रोग से ग्रस्त लोग 3-6 ग्राम अनार के पत्ते को छाया में सुखा लें। इस चूर्ण को सुबह गाय के दूध से बने छाछ के साथ पिएं। इसी तरह शाम को इसी छाछ के साथ पनीर का सेवन करें। इससे एनीमिया और पीलिया रोग में फायदा होता है।


3. बच्चों को बार-बार प्यास लगती है तो कराएं अनार का सेवन

बच्चों को बहुत अधिक प्यास लगती हो तो अनारदाना, जीरा तथा नागकेसर को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में चीनी एवं मधु मिलाकर बच्चों को चटाएं। इससे प्यास मिटती है।


4. कैंसर से करें बचाव

डीएनए की क्षति कोशिका चक्र में रुकावट पैदा कर कैंसर के विकास को बढ़ावा देती है। लेकिन अनार के बीज में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट में इस तरह के नुकसान के खिलाफ कोशिकाओं की रक्षा करने की क्षमता होती है। इस तरह अनार के बीज ब्रेस्ट, कोलन, प्रोस्टेट ल्यूकेमिया और ट्यूमर को रोकने और इलाज में फायदेमंद होता है।


5. अनार के सेवन से दस्त पर रोक

दस्त पर रोक लगाने के लिए 2-3 ग्राम अनार के फल के छिलके का चूर्ण बना लें। इसे सुबह-शाम ताजे पानी के साथ पिएं। इससे दस्त में लाभ होता है। एक ग्राम अनार की छाल (फल या जड़ की छाल) के चूर्ण में, बराबर मात्रा में जायफल का चूर्ण और 250 मिग्रा नागकेसर को मिला लें। इसे पीसकर शहद के साथ सेवन करें। दस्त पर रोक लगती है।


6. गंजेपन का इलाज

बालों के झड़ने या गंजेपन की समस्या में अनार के ताजे हरे पत्तों का रस लें। इसमें 100 ग्राम अनार के पत्तों का पेस्ट और आधा लीटर सरसों का तेल मिला लें। इस तेल को पकाकर छान लें। इसे बालों पर लगाएं। इससे बालों का झड़ना रुक जाता है और गंजेपन की समस्या दूर होती है।