क्या आप भी करते हैं इन सब्जियों का कच्चा सेवन, पकाकर खाने में ही समझदारी

स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार का सेवन करना बहुत जरूरी होता हैं। आप क्या खा रहे हैं वह पोषण युक्त होना चाहिए। लेकिन इसी के साथ यह भी जानना जरूरी है कि उनका सेवन किस तरह किया जाए ताकि आपको पूर्ण पोषण मिल सकें। कुछ आहार ऐसे हैं जिन्हें अधिक पकाने से उनका पोषण समाप्त हो जाता हैं और वहीँ कुछ आहार ऐसे भी हैं जिनका कच्चा सेवन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको कुछ ऐसी ही सब्जियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें कच्चा खाने की बजाय पकाकर खाने से अधिक पोषक तत्व मिलते हैं। तो आइये जानते हैं इनके बारे में...

ब्रोकली

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रोकली में फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है। लेकिन अगर इसे उबाल कर या फिर भाप में पकाया जाए तो इसके सभी पोषक तत्व और ज्यादा मात्रा में निकलते हैं जो शरीर के लिए अच्छा है। हालांकि कुछ अध्ययन में ये भी कहा गया है कि कच्ची ब्रोकली खाने से 'सुल्फोरफेन' नाम का तत्व शरीर में पहुंचता है जो कैंसर से लड़ने में मदद करता है। इसलिए अगर कच्ची ब्रोकली खा रहे हैं तो दो कप खाइए और पका कर खा रहे हैं तो एक कप से कम मात्रा बहुत है।

कच्चे आलू

वैसे तो आलू सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। सब्जियों में सबसे ज्यादा इसी का इस्तेमाल किया जाता है। आलू में सबसे ज्यादा स्टार्च पाया जाता है और इसके अलावा विटामिन-ए और विटामिन-डी की भी प्रचुर मात्रा पाई जाती है। लेकिन आलू को कभी कच्चा नहीं खाना चाहिए। ग्लाइकोकलॉइड विषाक्तता के कारण इसको हमेशा पका कर ही खाना चाहिए।

पालक

पालक पोषक तत्वों का भंडार होता है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और जिंक पाया जाता है। हालांकि, हमारा शरीर इन सभी पोषक तत्वों को तब अवशोषित करता है जब पालक को पकाकर खाया जाए। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पालक में ऑक्सैलिक एसिड पाया जाता है जो आयरन और कैल्शियम के अब्सॉर्प्शन को ब्लॉक कर देता है। ऐसे में पालक को पकाने से कैल्शियम और आयरन रिलीज हो जाता है। जिसे हमारा शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है।

टमाटर

टमाटर में लाइकोपीन नाम का एक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो क्रॉनिक डिजीज और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है। ऐसे में टमाटर को पकाकर खाने से यह लाइकोपीन रिलीज होता है। भले ही टमाटर को पकाकर खाने से इसमें मौजूद विटामिन सी 29 फीसदी तक कम हो जाता है लेकिन इसे 30 मिनट पकाने से इसमें लाइकोपीन 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ जाता है।

शिमला

मिर्च लाल-पीली शिमला मिर्च लाइकोपीन और फेरुलिक एसिड का एक और बेहतरीन स्रोत है। कुछ लोग इन्हें सलाद में कच्चा खाना पसंद करते हैं। लेकिन इन्हें पकाकार खाना ज्यादा हेल्दी होता हैं। क्योंकि ये विटामिंस को आसानी से अवशोषित कर लेते हैं। क्योंकि विटामिन सी आराम से गर्मी की वजह से नष्ट किए जा सकते हैं। इस सब्जी को पकाकर खाने से इसमें पौष्टिक तत्व बनें रहते हैं।

बैंगन

कुछ लोगों की कच्चा बैंगन खाने की आदत होती है। इस आदत को जल्द सुधार ही सुधार लें। बैंगन में सोलनिन पाया जाता है जो एक जहरीला यौगिक है। इसको कच्चा खाने से गैस की समस्या हो सकती है।

गाजर

पकी हुई गाजर में कच्ची गाजर की तुलना में अधिक मात्रा में बीटा-कैरोटीन होता है, जो एक कैरोटीनॉयड नामक पदार्थ है जिसे शरीर विटामिन ए में बदल देता है। यह विटामिन हड्डियों के विकास, विजन और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करता है। गाजर को बिना छीले पकाकर खाने से इसकी एंटीऑक्सीडेंट पावर दोगुनी हो जाती है।

राजमा

राजमा की सब्जी कई लोगों की फेवरेट होती है। बता दें कि इसमें लेक्टिन पाया जाता है और इस वजह से इसको कच्चा बिल्कुल भी न खाएं। ऐसा करने से पेट दर्द की उल्टी दस्त होने की संभावना बढ़ जाती है।

मशरूम

मशरूम में भारी मात्रा में एर्गोथायोनीन नाम का एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होता है जो इसे पकाने के बाद रिलीज होता है। एंटीऑक्सीडेंट्स कोशिकाओं को डैमेज करने वाले फ्री रेडिकल्स और केमिकल्स को तोड़ने में मदद करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स बीमारियों और बढ़ती उम्र की समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं।

ग्रीन बीन्स

हरी बीन्स में भी एंटीऑक्सीडेंट्स की भारी मात्रा पाई जाती है। लेकिन ये एंटीऑक्सीडेंट्स तभी मिलते हैं जब आप इसे बेक, या ग्रिल करके खाते हैं। उबालने और प्रेशर कुक करने से इसके एंटीऑक्सीडेंट्स खत्म हो जाते हैं।

केल

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए आपने अक्सर लोगों को सलाद में केल खाते हुए देखा होगा। केल काफी हेल्दी माना जाता है। लेकिन अगर आप केल को स्टीम करके खाते हैं तो इससे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं।