एक्सपर्ट ने जताई चिंता, युवाओं में दिख रहा है कोरोना संक्रमण का खतरनाक रूप

पिछले 6 महीनों से पूरी दुनिया कोरोना से लड़ रही है लेकिन अब तक कोई अच्छी खबर सामने नहीं आई। कोरोना से संक्रमित मरीजों की गिनती रोजाना तेजी से बढ़ रही है। अगर आंकड़ों पर नजर डाले तो अब तक 93 लाख 53 हजार 735 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 50 लाख 41 हजार 711 लोग स्वस्थ हुए हैं। वहीं, 4 लाख 79 हजार 805 लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस की दवा अभी तक नहीं बन सकी है। शुरुआत में सामने आया था कि यह वायरस ज्यादातर बुजुर्ग या पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को अपनी चपेट में लेता है लेकिन नई स्टडी में सामने आया है कि ये वायरस अब ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भी अपना शिकार बना रहा है। और इतना ही नहीं ये वायरस युवाओं के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।

अमेरिका के प्रमुख संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फॉउची ने मंगलवार को कहा कि डॉक्टर्स और संक्रामक रोग विशेषज्ञ कोरोना वायरस के युवा मरीजों में ज्यादा जटिलताएं देख रहे हैं।

आपको बता दें कि अमेरिका में जब इस वायरस का प्रकोप फैलना शुरू हुआ था तब शोधकर्ताओं ने कहा था कि यह वायरस युवाओं के लिए खतरनाक नहीं है और बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी की सुनवाई के दौरान फॉउची ने कहा कि अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा किअब यह कहना बिलकुल सही नहीं होगा कि कोरोना सिर्फ बुजुर्गों को ही नुकसान पहुंचा रहा है अब ये वायरस युवाओं के लिए घातक साबित हो रहा है। हम युवाओं में इसकी ज्यादा जटिलताएं देख रहे हैं। फॉउची ने कहा कि उन्होंने अब तक ऐसा एक भी वायरस नहीं देखा था जिसके इतने ज्यादा लक्षण हों। फॉउची ने कहा कि जो युवा एसिम्प्टोमैटिक होते हैं, जो कभी लक्षण विकसित नहीं करते हैं, वो दूसरों में भी वायरस फैला सकते हैं। युवाओं को न केवल अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए बल्कि वायरस का प्रकोप कैसे फैल रहा है इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए।

उन्होंने कहा, अगर आप संक्रमित हो जाते हैं और संक्रमण फैलाते हैं, भले ही आप बीमार न हों लेकिन आप इस वायरस को फैलाने की प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं। अनजाने में आप किसी को संक्रमित कर रहे हैं, वो किसी और को संक्रमित करता है, जो पहले से ही कमजोर है। वो आपकी दादी, दादा या बीमार चाचा भी हो सकते हैं, जो आखिरकार इससे दम तोड़ देते हैं।'

फॉउची ने कहा कि अमेरिका के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण मामलों में परेशान करने वाला उछाल दिखाई देने लगा है। जबकि न्यूयॉर्क में कोरोना के मामलों में गिरावट देखी जा रही है, अन्य राज्यों में भी कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है जिससे कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा बढ़ता जा रहा है।

फॉउची की ये टिप्पणी अधिकारियों के उस बयान के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि ज्यादातर युवा सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों को नजरअंदाज कर रहे हैं और कोरोना वायरस की टेस्टिंग में पॉजिटिव आ रहे हैं। एबीसी न्यूज के मुताबिक, उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि 35 साल से कम उम्र के लोग, खासतौर से फ्लोरिडा और टेक्सास में, कोरोना वायरस टेस्टिंग में तेजी से पॉजिटिव आ रहे हैं।

बता दे, अमेरिका में कोरोना के अब तक 24,24,168 संक्रमित मामले सामने आ चुके है वहीं, 1,23,473 लोगों की मौत भी हो चुकी है।अमेरिका पूरी दुनिया में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। यहां अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है। इसके बाद ब्राजील में अब तक 11,51,479 संक्रमित केस सामने आ चुके है। यहां पर अब तक 52,771 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत चौथे नंबर पर है यहां कोरोना के अब तक 4 लाख 56 हजार 183 मामले सामने आ चुके है। वहीं, 14,483 लोगों की मौत भी हो चुकी है। तीसरे नंबर पर रूस है यहां कोरोना के 5,99,705 केस सामने आ चुके है वहीं, 8,359 लोगों की मौत हुई है।