सावधान! पसंदीदा ड्राई फ्रूट्स भी पहुंचा सकते हैं नुकसान अगर खाए गलत तरीके से

ड्राई फ्रूट्स से जुड़ी सेहत की बात करें तो अक्सर लोग इन्हें बेहद फायदेमंद मानकर बिना किसी नियम के सेवन कर लेते हैं। आयुर्वेद में भी ड्राई फ्रूट्स को पोषक तत्वों से भरपूर और शरीर को ऊर्जा देने वाला माना गया है, लेकिन इन्हें गलत तरीके या गलत समय पर खाने से फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। ड्राई फ्रूट्स की तासीर सामान्यतः गर्म मानी जाती है, इसलिए इनके सेवन में मौसम और मात्रा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर आप भी ड्राई फ्रूट्स के शौकीन हैं, तो यह समझना जरूरी है कि किस मौसम में कौन से ड्राई फ्रूट्स फायदेमंद होते हैं और उन्हें किस तरह से खाना चाहिए ताकि शरीर को अधिकतम लाभ मिल सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों के मौसम में ड्राई फ्रूट्स का सूखा सेवन शरीर में पित्त बढ़ा सकता है, जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सलाह दी जाती है कि इस मौसम में ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर ही खाया जाए। भिगोने से इनमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे उनकी गर्म तासीर घटती है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर तरीके से होता है। साथ ही, प्रतिदिन लगभग 20 से 30 ग्राम से अधिक ड्राई फ्रूट्स का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में सेवन करने से पाचन संबंधी समस्या, शरीर में गर्मी और त्वचा पर मुंहासे जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
सबसे ज्यादा गर्म तासीर वाले ड्राई फ्रूट्स कौन से हैं?

छुआरा (सूखा खजूर):

छुआरा यानी सूखा खजूर को बेहद गर्म तासीर वाला माना जाता है। सर्दियों में इसे दूध के साथ लेने से शरीर को ताकत मिलती है और सर्दी-जुकाम, जोड़ों के दर्द तथा फेफड़ों की कमजोरी में राहत मिलती है। लेकिन गर्मियों में इसका अधिक सेवन शरीर के तापमान को बढ़ा सकता है, जिससे असहजता महसूस हो सकती है।

अखरोट:
अखरोट को दिमाग के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसकी तासीर भी गर्म होती है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और भारी पोषक तत्वों को पचाने के लिए शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।

बादाम:
सूखे या भुने हुए बादाम की तासीर भी काफी गर्म मानी जाती है। यदि इन्हें बिना भिगोए गर्मियों में खाया जाए, तो यह पेट में जलन और त्वचा पर मुंहासों की समस्या पैदा कर सकते हैं।

पिस्ता:
पिस्ता स्वाद में जितना अच्छा लगता है, उसकी तासीर उतनी ही गर्म होती है। यह सर्दियों में शरीर को ठंड और कफ से बचाने में सहायक होता है, लेकिन गर्मियों में इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि इन ड्राई फ्रूट्स का सेवन केवल सर्दियों में ही किया जाए। सही तरीका अपनाकर इन्हें गर्मियों में भी खाया जा सकता है, बस सेवन विधि और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

गर्मियों में ड्राई फ्रूट्स खाने का सही तरीका

गर्मियों में ड्राई फ्रूट्स को सूखा खाने की बजाय रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे उनकी गर्म तासीर कम हो जाती है और शरीर को पोषण भी अच्छे से मिलता है। यह तरीका पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

भीगे हुए बादाम:
रातभर भिगोए गए बादाम सुबह छिलका उतारकर खाने चाहिए। इनमें मौजूद विटामिन ई शरीर को तेज धूप से होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है।

किशमिश:
किशमिश का सेवन गर्मियों में काफी लाभकारी माना जाता है। यह शरीर में ठंडक बनाए रखने के साथ-साथ थकान दूर कर तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है।

काजू और खजूर:
काजू और खजूर को भी गर्मियों में खाया जा सकता है, लेकिन इन्हें सूखा खाने की बजाय रातभर भिगोकर सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में गर्मी का प्रभाव कम होता है और पाचन भी बेहतर रहता है।

मखाना:
मखाना प्राकृतिक रूप से ठंडी तासीर वाला होता है। यह गर्मियों में शरीर में बढ़े पित्त को संतुलित करता है और पेट की जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है।