डायबिटीज या ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की बात आते ही आमतौर पर चावल, रोटी, ब्रेड और मिठाइयों पर ध्यान दिया जाता है। लेकिन भोजन के साथ खाए जाने वाले अचार, पापड़ और चटनी को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ये छोटी मात्रा में खाई जाने वाली चीजें हैं, फिर भी इनका असर इस बात पर निर्भर कर सकता है कि इन्हें किस सामग्री से तैयार किया गया है, इनमें चीनी या तेल कितना है और इन्हें कितनी मात्रा में खाया जा रहा है।
इसलिए अचार, पापड़ या चटनी को सीधे ब्लड शुगर के लिए अच्छा या खराब कहना सही नहीं होगा। इनके अलग-अलग प्रकार शरीर पर अलग प्रभाव डाल सकते हैं।
अचार का चुनाव करते समय रखें ध्यानएक्सपर्ट्स के अनुसार, सिरके या फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से तैयार कुछ चीजें पाचन की गति को धीमा करने में मदद कर सकती हैं। सरसों के तेल और सिरके में तैयार नींबू या आम के अचार को इसी संदर्भ में बेहतर विकल्पों में गिना गया है।
हालांकि, बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड अचार को लेकर सावधानी जरूरी है। इनमें अधिक मात्रा में नमक, प्रिजर्वेटिव और कभी-कभी छिपी हुई चीनी भी हो सकती है। इसलिए अचार का प्रकार ही नहीं, उसकी सामग्री और मात्रा भी महत्वपूर्ण है।
चटनी से भी फर्क पड़ता हैचटनी की बात करें तो इसकी सामग्री ब्लड शुगर पर इसके प्रभाव को काफी बदल सकती है। दही के साथ तैयार धनिया या पुदीने की चटनी में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो सकती है और इसमें फाइबर व प्रोटीन भी मिल सकता है।
नारियल, तिल या हरी सब्जियों से तैयार चटनी भी बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं ज्यादा चीनी डालकर बनाई गई टमाटर की चटनी अलग प्रभाव डाल सकती है। इसमें मौजूद अतिरिक्त चीनी ब्लड शुगर बढ़ने की वजह बन सकती है।
पापड़ तला हुआ या भुना हुआ बेहतर?पापड़ को लेकर भी तैयारी का तरीका अहम है। तला हुआ पापड़ अतिरिक्त तेल की वजह से भोजन में फैट और कैलोरी की मात्रा बढ़ा देता है। वहीं भुना हुआ पापड़ तुलनात्मक रूप से बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, उड़द या मूंग से बने पापड़ का असर केवल उसकी मुख्य सामग्री से तय नहीं होता, बल्कि उसे तैयार करने के तरीके से भी बदल सकता है। इसलिए डायबिटीज में पापड़ खाते समय तले हुए विकल्प की जगह भुना हुआ पापड़ चुनना बेहतर माना गया है।
मसाले और दही कैसे कर सकते हैं मदद?स्रोत सामग्री के अनुसार, सरसों, मेथी और अजवाइन जैसे मसालों को इंसुलिन के बेहतर काम करने से जोड़ा गया है। वहीं दही में मौजूद प्रोटीन और फैट भोजन के पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।
इसी तरह सिरका और फर्मेंटेशन से तैयार खाद्य पदार्थों के बारे में बताया गया है कि वे भोजन के पचने की गति को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इन चीजों का सेवन भी संतुलित मात्रा में ही किया जाना चाहिए।
बाजार के अचार और चटनी से रहें सावधानपैकेट में मिलने वाले अचार और चटनी को खरीदते समय उनके लेबल पर मौजूद सामग्री पर ध्यान देना जरूरी है। इनमें अधिक नमक, प्रिजर्वेटिव और अतिरिक्त चीनी हो सकती है। ऐसे उत्पादों का नियमित या अधिक मात्रा में सेवन उचित विकल्प नहीं माना जाता।
इसलिए केवल यह देखकर फैसला नहीं करना चाहिए कि कोई चीज अचार, चटनी या पापड़ है। उसके अंदर इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसे तैयार करने का तरीका ज्यादा मायने रखता है।
डायबिटीज में कैसे करें सेवन?अचार, पापड़ और चटनी को पूरी तरह भोजन से हटाने की जरूरत नहीं बताई गई है। इनका सेवन कम मात्रा में करना बेहतर तरीका है। ताजी बनी चटनी को प्राथमिकता दी जा सकती है और तले हुए पापड़ के बजाय भुना हुआ पापड़ चुना जा सकता है।
साथ ही अचार और चटनी में मौजूद नमक व चीनी की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। कुल मिलाकर, डायबिटीज में इन चीजों के सेवन का फैसला उनके प्रकार, सामग्री, बनाने के तरीके और मात्रा को ध्यान में रखकर करना ज्यादा उचित है।
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