फिल्म राज़ी, तलवार और बधाई दो जैसी सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों के लिए प्रसिद्ध जंगली पिक्चर्स अब अपनी नई फिल्म हक़ लेकर आ रहा है। इस फिल्म में पहली बार यामी गौतम धर और इमरान हाशमी एक साथ नज़र आएंगे। हक़ एक ऐसी महिला की कहानी है, जो समाज और व्यवस्था से टकराकर अपने अधिकार के लिए खड़ी होती है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ होते ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है।
न्याय और आस्था के बीच संघर्ष की कहानीयह फिल्म 1980 के दशक की पृष्ठभूमि में रची गई है और एक ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट केस से प्रेरित है, जिसने पूरे देश को दो विचारधाराओं में बाँट दिया था—एक ओर धार्मिक आस्था, तो दूसरी ओर संवैधानिक समानता और न्याय का प्रश्न। फिल्म का ट्रेलर इस गहरी बहस को दर्शाता है, जिसमें एक महिला के साहस और सच्चाई की गूंज सुनाई देती है। निर्देशक सुपर्ण एस वर्मा ने इसे सिर्फ कोर्ट ड्रामा नहीं, बल्कि एक ऐसी आवाज़ बताया है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।
यामी गौतम का सशक्त किरदारयामी गौतम इस फिल्म में शाज़िया नाम की महिला का किरदार निभा रही हैं, जो अपने हक़ और आत्मसम्मान के लिए समाज से भिड़ती है। यामी कहती हैं, “यह सिर्फ शाज़िया की नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं की कहानी है जिन्हें हमेशा चुप रहने के लिए कहा गया। इस किरदार को निभाना मेरे लिए सम्मान की बात है।” यामी की इस भूमिका को अब तक के उनके सबसे गहन और प्रभावशाली किरदारों में गिना जा रहा है।
इमरान हाशमी का नया रूपफिल्म में इमरान हाशमी एक वकील और यामी गौतम के पति की भूमिका में हैं। उन्होंने कहा, “जब मैंने इस फिल्म की कहानी पढ़ी, तो मुझे यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि एक सामाजिक दर्पण लगी। यह फिल्म बहुत ही संतुलित और ईमानदार दृष्टिकोण से बनाई गई है। यह एक प्रो-वुमन कहानी है, लेकिन साथ ही संवैधानिक मूल्यों और धार्मिक संवेदनाओं दोनों को सम्मान देती है।” इमरान ने यह भी कहा कि यह फिल्म मुसलमान समाज के एक उदार दृष्टिकोण को दर्शाती है, और इसलिए यह देखने योग्य है।
निर्देशक की दृष्टि: संवेदना और संतुलन का संगमनिर्देशक सुपर्ण एस वर्मा, जो इससे पहले द फैमिली मैन जैसी सफल सीरीज़ से जुड़े रहे हैं, कहते हैं, “हक़ सिर्फ एक कोर्टरूम ड्रामा नहीं है। यह उस आवाज़ की कहानी है जिसने समाज की नींव को हिला दिया था। एक महिला की हिम्मत, उसकी सोच और आत्मसम्मान की यात्रा इस फिल्म का केंद्र है।”
जंगली पिक्चर्स की सामाजिक संवेदनाजंगली पिक्चर्स की सीईओ अमृता पांडे के अनुसार, “हम हमेशा ऐसी कहानियाँ बनाते हैं जो सोचने पर मजबूर करें। हक़ हमारे समाज की सच्चाई और उम्मीद दोनों का प्रतीक है। यह फिल्म न्याय, आस्था और समानता के बीच एक गहरी मानवीय संवेदना को सामने लाती है।”
मजबूत सहायक कलाकारों की मौजूदगीफिल्म में यामी और इमरान के साथ वर्तिका सिंह, शीबा चड्ढा, दानिश हुसैन और असीम हत्तंगड़ी जैसे बेहतरीन कलाकार भी नजर आएंगे। इनके अभिनय से फिल्म की भावनात्मक गहराई और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
किताब से पर्दे तकहक़ की कहानी जिग्ना वोरा की किताब ‘बानो: भारत की बेटी’ से प्रेरित है, जो महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के मुद्दों को गहराई से छूती है। निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने इस किताब के भावनात्मक सार को बेहद संवेदनशीलता से पर्दे पर उतारा है।
7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़फिल्म हक़ 7 नवंबर 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ की जाएगी। ट्रेलर के बाद से ही दर्शकों के बीच इसे लेकर भारी उत्सुकता है। न्याय बनाम आस्था की इस लड़ाई में कौन विजयी होगा, यह देखने के लिए अब बस कुछ ही दिन बाकी हैं।