भंसाली का एक और इतिहासनामा 'पद्मावती' : क्या देख पाएगा राजस्थान?

राजस्थान का राजपूत समाज फिल्मकार संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित और विवादास्पद फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर खासा नाराज है। कुछ दिन पूर्व जयपुर में राजपूत संगठनों द्वारा इस फिल्म के पोस्टर को राजमंदिर सिनेमाघर के बाहर जलाया गया था। और अब यह सुनाई दे रहा है कि राजपूत संगठन ‘पद्मावती’ का राजस्थान में प्रदर्शन नहीं होने देना चाहता है। उनका कहना है कि फिल्मकार ने उनके इतिहास को बेतरतीब तरीके से पेश किया है।

हालांकि इस बात की संभावना न के बराबर है कि संजय लीला भंसाली ने ऐसा कुछ किया होगा। उन्होंने इस फिल्म को फिल्माने से पूर्व इस पर गहन शोध किया, उसके बाद इसका फिल्मांकन शुरू हुआ। हाल ही में प्रदर्शित हुए इस फिल्म के ट्रेलर ने दर्शकों को इसे देखने के लिए लालायित कर दिया है। लेकिन क्या राजस्थान के सिने प्रेमी इसे बड़े परदे पर देख पाएंगे। यह एक ज्वलंत प्रश्न है।

अतीत के झरोखे में झांकने पर याद आती है निर्माता निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की ऐतिहासिक फिल्म ‘जोधा अकबर’, जिसे राजपूत संगठनों ने राजस्थान में प्रदर्शित नहीं होने दिया था। विरोध के चलते फिल्म वितरक अनिल थडानी को खासा नुकसान उठाना पड़ा था। क्या एक बार फिर यही वाक्या दोहराया जाएगा? यदि ऐसा होता है तो यह निश्चित रूप से संजय लीला भंसाली और निर्माता के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि बॉक्स ऑफिस पर ‘राजस्थान’ का अपना एक अलग मुकाम रहा है। यहाँ पर प्रदर्शित फिल्म की सफलता उसे बड़ी सफलता में तब्दील करने में कामयाब होती हैं।

अब देखने वाली बात यह है कि क्या संजय लीला भंसाली 1 दिसम्बर से पूर्व राजस्थान के राजपूत संगठनों को अपनी फिल्म दिखाकर संतुष्ट कर पाते हैं या नहीं। यदि भंसाली इन्हें संतुष्ट करने में असफल रहते हैं तो क्या वे सरकार से फिल्म के सुचारू प्रदर्शन के लिए मदद की मांग करेंगे।