‘Kantara: A Legend – Chapter 1’ की हिंदी डबिंग पर दर्शकों की शिकायतें: बैकग्राउंड म्यूज़िक ने डायलॉग्स को दबाया, सबटाइटल का फॉन्ट भी बेहद छोटा

‘कांतारा: अ लीजेंड – चैप्टर 1’ की हिंदी डबिंग को भले ही बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत मिली हो और फिल्म ने अपने चार दिवसीय ओपनिंग वीकेंड में ₹75 करोड़ की कमाई कर ली हो, लेकिन दर्शकों की तरफ से कुछ अहम शिकायतें भी सामने आई हैं। खासतौर पर फिल्म की साउंड मिक्सिंग और सबटाइटल की क्वालिटी को लेकर।

जयपुर के एक मल्टीप्लेक्स प्रबंधक ने बताया कि फिल्म के शुरुआती दृश्यों और कुछ अन्य हिस्सों में बैकग्राउंड म्यूज़िक इतना तेज था कि संवाद पूरी तरह दब गए। दर्शक यह समझ ही नहीं पाए कि किरदार क्या बोल रहे हैं। हालांकि यह समस्या पूरे फिल्म में नहीं है, लेकिन जिन दृश्यों में है, वहां यह काफी परेशान करने वाली है।

एक अन्य सिनेमाघर प्रबंधक ने कहा, “दर्शक अकसर मान लेते हैं कि थियेटर का साउंड सिस्टम खराब है, जबकि असल में यह फिल्म की डबिंग या मिक्सिंग का मसला होता है। मेकर्स को इस तरह की तकनीकी गलतियों से बचना चाहिए।”

यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। कई यूजर्स ने एक्स पर फिल्म की हिंदी डबिंग में तकनीकी खामियों की ओर इशारा किया है। एक यूजर ने लिखा, “डायलॉग्स सुनाई नहीं दे रहे क्योंकि बैकग्राउंड स्कोर बहुत तेज़ है और सबटाइटल्स न के बराबर छोटे हैं।”

एक दर्शक जिन्होंने रिलीज़ के दिन सुबह 9 बजे का शो देखा, ने बताया, “मैंने फिल्म को बड़े पर्दे पर देखा लेकिन फिर भी सबटाइटल पढ़ना मुश्किल हो गया। फॉन्ट इतना छोटा था कि आंखों पर जोर देना पड़ रहा था। या तो सभी डायलॉग्स हिंदी में डब करें या फिर सबटाइटल का फॉन्ट बड़ा करें।”

पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी शिकायतें


यह पहली बार नहीं है जब होम्बले फिल्म्स को इस तरह की शिकायतों का सामना करना पड़ा हो। 2022 में रिलीज़ हुई उनकी सुपरहिट फिल्म KGF – चैप्टर 2 के दौरान भी दर्शकों ने साउंड को अत्यधिक तेज़ बताकर शिकायतें की थीं। बाद में मेकर्स ने अपडेटेड प्रिंट्स भेजकर वॉल्यूम कम कराया था।

2024 में आई फिल्म कंगुवा के दौरान भी साउंड को लेकर सवाल उठे थे। उस वक्त निर्माता के ई. ज्ञानवेल राजा ने खुद मीडिया को बताया था कि उन्होंने थियेटर मालिकों से साउंड को दो प्वाइंट कम करने को कहा, क्योंकि दर्शकों को दिक्कत हो रही थी।

मल्टीप्लेक्स मालिकों को उम्मीद है कि ‘कांतारा: चैप्टर 1’ के निर्माता भी दर्शकों की फीडबैक को गंभीरता से लेंगे और तकनीकी खामियों को दूर करेंगे। कई बार ऐसे मामलों में मेकर्स नई फाइल भेजकर सुधार करते हैं।

फिलहाल, फिल्म की कहानी और एक्टिंग को लेकर दर्शक खुश हैं, लेकिन अगर टेक्निकल पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह अनुभव को प्रभावित कर सकता है।