थिएटर में ठंडी प्रतिक्रिया के बाद कमल हासन और सिलंबरासन टीआर की बहुप्रचारित फिल्म ‘ठग लाइफ’ आखिरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है। मणिरत्नम जैसे प्रतिष्ठित निर्देशक की फिल्म से दर्शकों को एक बार फिर उम्मीद जगी थी कि शायद ओटीटी पर इसे एक नया जीवन मिले — लेकिन अफसोस, सोशल मीडिया रिएक्शन्स से साफ हो गया कि जो निराशा थिएटर में मिली थी, वही अब ओटीटी पर भी दोहराई जा रही है। फैंस, जो बड़ी उम्मीदों के साथ स्क्रीन के सामने बैठे थे, उन्हें भी फिल्म ने निराश ही किया।
कहानी और प्रस्तुति से नाखुश दर्शकजैसे ही फिल्म 3 जुलाई से स्ट्रीमिंग पर आई, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई — लेकिन दुर्भाग्य से, अधिकतर प्रतिक्रियाएं नाराजगी और निराशा से भरी हुई थीं।
एक यूजर ने X (पहले ट्विटर) पर बिना लाग-लपेट के लिखा, ठग लाइफ पूरी तरह से निराशाजनक है। कहानी इतनी कमजोर है कि किसी भी किरदार से जुड़ाव बन ही नहीं पाता।
एक और यूजर ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, ठग लाइफ प्रोमो > ठग लाइफ फिल्म… जितनी मेहनत प्रोमो में की गई थी, फिल्म में उसका थोड़ा सा अंश भी दिखता तो बात कुछ और होती।
वहीं एक दर्शक ने मजाकिया लहजे में टिप्पणी की, ठग लाइफ की सबसे बड़ी सफलता यही रही कि किसी को ये नहीं लगा कि इसमें कुछ बेहतर हो सकता था — सबने सीधे-सीधे इसे बेकार कह दिया।
एक ट्विटर यूजर ने फिल्म के गाने ‘शुगर बेबी’ की कोरियोग्राफी को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, इन्होंने हँसी कैसे रोकी? सबसे घटिया कोरियोग्राफी, और हमेशा की तरह औसत दर्जे की परफॉर्मेंस।
हालांकि नकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बीच एक दर्शक की सकारात्मक प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिसने लिखा, ठग लाइफ एक शानदार फिल्म है। मणिरत्नम ने फिर साबित कर दिया कि वो कितने बेहतरीन निर्देशक हैं। कमल हासन और सिलंबरासन दोनों ने जबरदस्त काम किया है। यह फिल्म जरूर देखी जानी चाहिए।
आखिर चूक कहां हुई?जब मणिरत्नम जैसे दिग्गज निर्देशक की फिल्म आती है, तो दर्शकों को उम्मीद होती है एक गहराई भरी, भावनात्मक रूप से सशक्त और सिनेमाई रूप से परिपक्व कहानी की। लेकिन ‘ठग लाइफ’ के मामले में दर्शकों को फिल्म की धीमी रफ्तार, बिखरी हुई पटकथा और अधूरे किरदारों से निराशा ही हाथ लगी। कई दर्शकों का मानना है कि फिल्म ने जिन भावनात्मक परतों को छूने की कोशिश की, वह काफी सतही रहीं। किरदारों की गहराई और उनकी यात्रा में जो भावनात्मक जुड़ाव होना चाहिए था, वह फिल्म में नदारद नजर आया। कुल मिलाकर, ‘ठग लाइफ’ एक ऐसी फिल्म बन गई है, जिसने प्रचार और नाम के दम पर तो ध्यान खींचा, लेकिन कंटेंट के स्तर पर दर्शकों की भावनाओं से जुड़ने में असफल रही।