32 साल से रहस्य बनी हुई है मौत, अप्सरा से कम नहीं थी ये हसीना, 19 की उम्र में दुनिया को कहा था अलविदा

हिंदी सिनेमा की दुनिया में कई चेहरे आए और गए, लेकिन कुछ ऐसे नाम हैं, जिनकी चमक वक्त के साथ और भी गहराई से दिलों में बस जाती है। दिव्या भारती उन्हीं में से एक हैं। एक ऐसी अदाकारा, जो सिर्फ 19 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री की ऊंचाइयों को छू चुकी थीं, लेकिन एक रात सब कुछ खत्म हो गया। उनकी मौत को आज 32 साल हो चुके हैं, लेकिन रहस्य आज भी वैसा ही गहराया हुआ है। न किसी को जवाब मिला, न ही इंसाफ।

किसी अप्सरा से कम नहीं थीं दिव्या भारती, बनीं थीं सबकी फेवरेट


25 फरवरी 1974 को जन्मी दिव्या भारती ने सिर्फ तीन सालों में 20 से ज्यादा फिल्मों में काम कर लिया था। उनकी मासूमियत, ब्यूटी और बिंदास एक्टिंग ने उन्हें 90 के दशक की सबसे चहेती अदाकारा बना दिया था। उन्हें ‘बॉलीवुड की डॉल’ कहा जाता था। उनके चेहरे में वो मासूम आकर्षण था, जो दर्शकों को पहली नजर में दीवाना बना देता था। उन्हें श्रीदेवी की सबसे बड़ी प्रतियोगी माना जाने लगा था।

सिर्फ 14 साल की उम्र में शुरू किया करियर, 18 में स्टारडम और 19 में मौत

दिव्या ने स्कूल की पढ़ाई 9वीं तक ही की और 14 साल की उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रख दिया। धीरे-धीरे उन्होंने साउथ की फिल्मों में नाम कमाया और तेलुगू फिल्म ‘बोब्बिली राजा’ से धमाकेदार शुरुआत की। इसके बाद वह हिंदी सिनेमा की ओर मुड़ीं। फिल्म ‘विश्वात्मा’ में सनी देओल के साथ नजर आईं और यहीं से उन्हें बड़ी पहचान मिली।

1992 में शाहरुख खान के साथ उनकी फिल्म ‘दीवाना’ आई, जो ब्लॉकबस्टर साबित हुई। शाहरुख का ये डेब्यू था, लेकिन फिल्म की असली स्टार दिव्या ही थीं। इस दौरान वो इतनी मशहूर हो चुकी थीं कि हर फिल्ममेकर उन्हें साइन करना चाहता था।

शादी, तनाव और फिर अचानक मौत

दिव्या ने फिल्म प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला से शादी कर सभी को चौंका दिया था। लेकिन ये शादी भी सुकून नहीं दे सकी। शादी के कुछ समय बाद ही उनके रिश्ते में कड़वाहट की खबरें आने लगी थीं। 5 अप्रैल 1993 की रात दिव्या की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई।

बताया जाता है कि उस रात दिव्या अपने वर्सोवा स्थित अपार्टमेंट में थीं, जहां फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला और उनके पति श्याम लुल्ला उनसे मिलने आए थे। सबकुछ सामान्य था, लेकिन अचानक खबर आई कि दिव्या पांचवीं मंजिल की बालकनी से गिर गई हैं। उन्हें तुरंत कूपर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

आत्महत्या या साजिश? रहस्य आज भी कायम है

दिव्या की मौत को लेकर आज भी कई थ्योरीज़ हैं। कोई इसे आत्महत्या कहता है, तो कोई इसे सुनियोजित साजिश मानता है। पुलिस ने 1998 में केस को एक दुर्घटना मानते हुए बंद कर दिया, लेकिन उनके चाहने वालों के लिए यह सिर्फ एक हादसा नहीं था। सवाल आज भी हैं, जवाब अब भी अधूरे।

मौत के बाद भी बनी रहीं स्टार

दिव्या की मौत के बाद भी उनके स्टारडम में कोई कमी नहीं आई। उनकी तीन फिल्में - ‘रंग’, ‘शतरंज’ और तेलुगू फिल्म ‘थोली मुद्धू’ उनकी मृत्यु के बाद रिलीज हुईं। इनमें ‘रंग’ सुपरहिट साबित हुई। वह कई फिल्में साइन कर चुकी थीं, जो बाद में या तो बंद हो गईं या किसी और अभिनेत्री को दी गईं। इनमें 'लाडला', 'मोहरा', 'हलचल', 'धनवान', 'अंगरक्षक' जैसी फिल्में शामिल हैं, जो बाद में श्रीदेवी, करिश्मा कपूर, काजोल और पूजा भट्ट को मिलीं।

एक सवाल जो अब भी जवाब मांगता है

दिव्या भारती की कहानी आज भी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में धड़कती है। उनका जाना बॉलीवुड की सबसे बड़ी रहस्यमयी घटनाओं में से एक है। एक चमकता सितारा, जो अचानक टूट गया... और आज भी उसकी चमक धुंधली नहीं हुई।