2 News : सलीम खान ने निकाह से पहले लिए थे सात फेरे, आज तक परिवार में किसी ने नहीं खाया बीफ, कहा…

सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान (89) बॉलीवुड के दिग्गज लेखक रहे हैं। उन्होंने एक और प्रसिद्ध गीतकार व लेखक जावेद अख्तर के साथ मिलकर ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में लिखीं। सलीम के काम के साथ उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही। सलीम ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी सलमा खान से और दूसरी शादी अपने जमाने की मशहूर एक्ट्रेस व डांसर हेलेन से हुई। सलमा का ताल्लुक हिंदू धर्म से था और उनका असल नाम सुशीला चरक था। इस बीच सलीम ने खुलासा किया है कि सुशीला के पिता शादी के लिए राजी नहीं थे, जिसकी वजह उनका धर्म था।

ऐसे में सलीम ने निकाह से पहले उनके साथ सात फेरे लिए थे। सलीम ने फ्री प्रेस जर्नल को दिए इंटरव्यू में कहा कि मेरे ससुर डेंटिस्ट थे और डोगरा समुदाय से थे। जब मेरी शादी की बात आई तो उन्होंने मेरे बैकग्राउंड की जांच की और इस बात का सम्मान किया कि मैं एक अच्छे परिवार से हूं और अच्छी तरह से पढ़ा-लिखा हूं। उन्होंने मुझे साफ तौर पर बताया कि उन्हें सिर्फ मेरे धर्म से ही दिक्कत है। मैंने उन्हें तसल्ली दी कि अगर हमारे बीच मतभेद या झगड़े भी होते हैं, तो भी मैं और मेरी बीवी अपने धर्म की वजह से ऐसा बिल्कुल नहीं करेंगे। अब हमारी शादी को 60 साल हो गए हैं।

मेरी बीवी को सात फेरे की रस्म बहुत पसंद थी और उसने अपनी बहन और चचेरे भाई को भी इसे निभाते देखा था। इसलिए मैंने खुद अपने इलाके में एक पंडित ढूंढा और फेरे लगवा लिए। हमने निकाह भी करवाया, जो असल में एक ऐसी रस्म है जिससे ये साफ होता है कि आप किसी दबाव या जबरदस्ती में शादी तो नहीं कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सलीम और सलमा ने साल 1964 में शादी की थी। उनके चार बच्चे सलमान, अरबाज, सोहेल और अलवीरा हुए। उन्होंने अर्पिता को गोद लिया। साल 1981 में सलीम ने हेलेन से दूसरी शादी की। उनके कोई बच्चा नहीं है।
सलीम खान बोले, गायों को नहीं मारना चाहिए और गोमांस हराम है

सलीम ने बताया कि मुस्लिम होने के बावजूद उनके परिवार में बीफ (गोमांस) नहीं खाया जाता है। सलीम ने कहा कि इंदौर से लेकर आज तक हमारे परिवार में किसी ने बीफ नहीं खाया। बीफ ज्यादातर मुसलमान खाते हैं क्योंकि ये सबसे सस्ता मांस होता है। कुछ लोग इसे पालतू कुत्तों को खिलाने के लिए भी खरीदते हैं लेकिन पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं में साफ कहा गया है कि गाय का दूध मां के दूध का विकल्प है और ये बहुत लाभकारी चीज है। गायों को नहीं मारना चाहिए और गोमांस हराम है।

पैगंबर मोहम्मद ने हर धर्म से अच्छी बातें अपनाईं जिसमें सिर्फ हलाल मांस खाना शामिल है। हर धर्म अच्छा है और हमारी तरह वो भी शक्ति में विश्वास करते हैं। सलमा से शादी से पहले ही मैं हिंदू त्योहारों को मानता था। मैंने अपना पूरा जीवन हिंदुओं के बीच बिताया है। पुलिस थानों और कॉलोनियों में भी हिंदू त्योहार मनाया करते थे। इसी वजह से मेरी शादी से परिवार को कोई आपत्ति नहीं थी।