एक्टर सैफ अली खान पर इस साल जनवरी में उनके मुंबई स्थित घर पर चाकू से हमला हो गया था। हमले में सैफ गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले के बाद सैफ की पत्नी एक्ट्रेस करीना कपूर खान के साथ भी एक हैरान कर देने वाली घटना घटी थी, जिसके बारे में अब एक्टर रोनित रॉय ने खुलासा किया है। करीना इससे काफी डर गई थीं। रोनित एक सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। रोनित ने हिंदी रश के साथ इंटरव्यू में कहा कि सैफ अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर लौट रहे थे।
हर तरफ भारी भीड़ और मीडिया मौजूद था। जब करीना भी अस्पताल से घर लौट रही थीं, तो उनकी कार पर हल्का हमला हुआ था इसलिए वह डर गईं लेकिन मीडिया आस-पास था, लोग भी बहुत करीब आ गए थे और उनकी कार थोड़ी हिल गई थी। तभी उन्होंने मुझसे सैफ को घर लाने के लिए कहा इसलिए मैं उन्हें लेने गया और जब वह घर पहुंचे तो हमारी सिक्योरिटी पहले से ही तैनात थी और हमें पुलिस बल का भी पूरा सपोर्ट मिला। अब सब कुछ ठीक है। सैफ पर हमले के बाद मैं सिक्योरिटी का जायजा लेने उनके बांद्रा स्थित घर भी गया था।
सिक्योरिटी तब मजबूत नहीं थी और इसे बेहतर करने की सलाह दी थी। इसके बाद करीना-सैफ ने अपने घर की सिक्योरिटी बढ़ा दी थी। गौरतलब है कि 16 जनवरी को सैफ के बांद्रा स्थित घर में एक अनजान शख्स घुस आया था। वह सैफ के छोटे बेटे जेह के कमरे में घुसा। सैफ ने जेह को बचाने की कोशिश की तो उस शख्स ने एक्टर पर चाकू से हमला कर दिया जिसमें उन्हें गर्दन और कमर पर चोट आई। इसके बाद उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने 5 घंटे की सर्जरी के बाद उनकी रीढ़ की हड्डी से 2.5 इंच की ब्लेड निकाली। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने हमलावर को पकड़ लिया था।
रोनित रॉय ने कहा, बांद्रा स्टेशन के पास एक ढाबा है जो बहुत फेमस है…रोनित रॉय ने छोटे और बड़े दोनों पर्दे पर काम किया है। उन्होंने साल 1992 में 'जान तेरे नाम' फिल्म से डेब्यू किया था। फिल्म हिट रही लेकिन रोनित को आगे काम नहीं मिल रहा था। उन्होंने तंगी में दिन गुजारे। रोनित ने उन दिनों को याद करते हुए कहा कि बांद्रा स्टेशन के पास एक ढाबा है, जो बहुत फेमस है। तो रोज रात को मैं वहीं खाता था और एक दिन में एक बार खाता था, क्योंकि उतना ही था। काली दाल-2 रोटी या पालक पनीर-2 रोटी, ये अल्टरनेट डे में खाता था।
एक दिन ऐसा हुआ कि अब उन लोगों को आदत हो गई, वो देखते ही मुझे कि अच्छा मंडे है तो खाली दाल होगी, ट्यूसडे है तो पालक पनीर होगा। मैं गया एक दिन, मैंने बोला यार 2 रोटी दे दे और थोड़ा कांदा दे दे क्योंकि खत्म हो गए थे पैसे। याद आ रहा है वो बंदा मुझे, उसने मेरे आगे 2 रोटी रखी और काली दाल रखी। मैंने कहा यार मांगा नहीं था मैंने। बोला मेरी तरफ से आपके दाल का दिन है। 'जान तेरे नाम' के लिए मुझे 50 हजार रुपए फीस मिली थी। धरती के लोगों से जो प्यार मिला है मुझे, उसका कोई जोड़ नहीं है। तो वहां आपको कोई 50 हजार रुपए दे दे, जो हर महीने 4000 करके आते थे, तो वो बहुत होते थे उस समय।