शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट ने नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही सीरीज़ The Ba**ds of Bollywood* को लेकर समीर वानखेड़े द्वारा दायर मानहानि याचिका पर आधिकारिक जवाब दाखिल किया है। वानखेड़े — जो 2021 में आर्यन खान ड्रग्स केस के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के अधिकारी थे — का आरोप है कि इस सीरीज़ में एक किरदार उन्हें रूप और व्यवहार दोनों में दर्शाता है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
रेड चिलीज़ का जवाब — यह व्यंग्य है, वास्तविक पात्र नहींरेड चिलीज़ ने अपने जवाब में कहा कि यह शो पूरी तरह से बॉलीवुड सैटायर है, जिसमें सभी पात्रों को जानबूझकर अतिरंजित (exaggerated) रूप में दिखाया गया है ताकि हास्य और सामाजिक टिप्पणी को प्रभावी बनाया जा सके। कंपनी ने दलील दी कि वानखेड़े की शिकायत रचनात्मक स्वतंत्रता को सीमित करने का प्रयास है और इसे उन्होंने “अत्यधिक संवेदनशील प्रतिक्रिया” करार दिया।
‘वानखेड़े की छवि पहले से ही सार्वजनिक जांच के दायरे में’रेड चिलीज़ ने अदालत में यह भी कहा कि वानखेड़े की छवि पहले ही सार्वजनिक विमर्श और आलोचना का विषय बन चुकी थी, खासकर आर्यन खान केस के बाद। उनके नाम से जुड़े विवाद, मीडिया कवरेज, सोशल मीडिया बहसें और जन प्रतिक्रियाएं पहले ही उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को प्रभावित कर चुकी थीं। ऐसे में, कंपनी का कहना है कि शो को लेकर अब दायर की गई याचिका केवल सैटायर को सेंसर करने का प्रयास है, जो कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है।
“शो में किसी का नाम नहीं लिया गया” – रेड चिलीज़ की सफाईरेड चिलीज़ ने यह भी स्पष्ट किया कि शो में न तो समीर वानखेड़े का नाम लिया गया है और न ही किसी वास्तविक व्यक्ति की प्रत्यक्ष पहचान दी गई है। सीरीज़ में दिखाया गया पुलिस अधिकारी का किरदार एक ‘अत्युत्साही पुलिस अफसर’ के सामान्य ट्रोप (trope) पर आधारित है, जो व्यंग्य और डार्क कॉमेडी में आमतौर पर देखा जाता है।
अदालत में अगली सुनवाई 10 नवंबर कोकंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल और शायल त्रेहान ने पक्ष रखा और कोर्ट से अनुरोध किया कि सीरीज़ को जस का तस रहने दिया जाए क्योंकि किसी भी दृश्य को हटाने से कहानी की रचनात्मक संरचना प्रभावित होगी। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पुरुशेन्द्र कुमार की अदालत में हुई, जिसे अब 10 नवंबर तक स्थगित कर दिया गया है।
सीरीज़ पर बढ़ी बहस – व्यंग्य और मानहानि की रेखा कहाँ?The Ba**ds of Bollywood* नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है और बॉलीवुड की चमक-दमक, मीडिया की उथल-पुथल और नैतिक उलझनों पर अपने तीखे व्यंग्य के लिए चर्चा में है। शो की विषयवस्तु ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सैटायर और डिफेमेशन (मानहानि) के बीच सीमा रेखा आखिर कहाँ खींची जानी चाहिए।