बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी एक बार फिर धमकियों के घेरे में हैं। पहले रोहित शेट्टी के घर पर हुई पांच राउंड फायरिंग की घटना ने इंडस्ट्री को चौंका दिया था, जिसके कुछ दिनों बाद 10 फरवरी को रणवीर सिंह को भी धमकी भरा संदेश मिला था। अब ताजा घटनाक्रम में दोनों को दोबारा धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। इन धमकियों की जिम्मेदारी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। बताया जा रहा है कि गैंग से जुड़े हैरी बॉक्सर नामक शख्स ने इस बार ऑडियो मैसेज के जरिए रणवीर सिंह और रोहित शेट्टी को निशाना बनाया है।
धमकी भरे संदेश में क्या कहा गया?सूत्रों के मुताबिक यह धमकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने को लेकर दी गई है। सामने आए संदेश में तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा गया कि रणवीर सिंह ने रोहित शेट्टी को शिकायत करने की सलाह दी थी और अब इसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा। संदेश में यह भी दावा किया गया कि दोनों कलाकारों के मैनेजरों की गतिविधियों, उनके आने-जाने के समय और परिवारों तक की जानकारी रखने की बात कही गई है। धमकी में साफ तौर पर चेतावनी दी गई कि “एक-एक मैनेजर को ठिकाने लगाना शुरू करेंगे”, और दोनों को “सुधर जाने” की हिदायत दी गई।
हैरी बॉक्सर ने अन्य घटनाओं की भी ली जिम्मेदारीइसी के साथ यह भी दावा किया गया है कि गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने पुर्तगाल में भारतीय नागरिकों के पासपोर्ट जब्त किए जाने से जुड़े विवाद के बाद हुई फायरिंग की घटना की भी जिम्मेदारी ली है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।
मुंबई पुलिस का आधिकारिक रुखपूरे मामले पर मुंबई पुलिस ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिस ऑडियो मैसेज का हवाला दिया जा रहा है, वह सबसे पहले मीडिया के जरिए ही सामने आया। पुलिस के पास यह ऑडियो भी मीडिया माध्यम से ही पहुंचा है। ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वायरल ऑडियो वास्तव में किसी गैंग से जुड़े व्यक्ति का है या नहीं—यह केवल तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के बाद ही तय किया जा सकेगा।
पुलिस करेगी तकनीकी जांचमुंबई पुलिस पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि आज के दौर में असली धमकी और कॉपीकैट अपराधियों के बीच अंतर करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फर्जी ऑडियो तैयार करना अब आसान हो चुका है। ऐसे में किसी भी वायरल ऑडियो को सीधे प्रमाण मान लेना उचित नहीं है। पुलिस ने बताया कि वायरल संदेश उनके संज्ञान में है और उसकी गहन जांच की जाएगी।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि यह साफ हो सके कि धमकी के पीछे वास्तव में कौन है और इसकी सच्चाई क्या है।