बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के बीच चल रहा विवाद अब एक नए चरण में पहुंच गया है। लंबे समय से चर्चा में बने इस मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। जानकारी के अनुसार रणवीर सिंह ने उनके खिलाफ जारी किए गए नॉन-कोऑपरेशन निर्देश के विरोध में FWICE को कानूनी नोटिस भेजा है। इस कदम के बाद फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर इस विवाद को लेकर बहस तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक अभिनेता की ओर से यह नोटिस 2 जून को भेजा गया। वहीं दूसरी तरफ FWICE ने भी पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 3 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का फैसला किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
नोटिस ने बढ़ाई हलचलहालांकि रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अभिनेता ने फेडरेशन से किस प्रकार की मांग की है या कानूनी स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। लेकिन इतना तय है कि यह कार्रवाई विवाद को नए मोड़ पर ले गई है।
फिल्म जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह मामला हाल के वर्षों में बॉलीवुड के सबसे चर्चित पेशेवर विवादों में से एक बन चुका है। खासकर इसलिए क्योंकि इसका संबंध अभिनेता की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डॉन 3' से जोड़ा जा रहा है, जिसे फिल्म निर्माता और निर्देशक फरहान अख्तर एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे हैं।
आखिर कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 'डॉन 3' की घोषणा से हुई थी। वर्ष 2023 में फरहान अख्तर ने इस फिल्म का ऐलान किया था और रणवीर सिंह को फ्रेंचाइजी के नए चेहरे के रूप में पेश किया गया था। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह देखने को मिला था और इसे डॉन सीरीज की अगली बड़ी कड़ी माना जा रहा था।
बाद में ऐसी खबरें सामने आने लगीं कि रणवीर सिंह इस प्रोजेक्ट से अलग हो गए हैं। हालांकि इस संबंध में अलग-अलग दावे किए गए, लेकिन इसी के बाद विवाद ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया। मामला केवल फिल्म तक सीमित नहीं रहा और कई संगठनों तथा फिल्म उद्योग से जुड़े पक्षों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
FWICE ने क्यों जारी किया नॉन-कोऑपरेशन निर्देश?फिल्म से जुड़े कुछ निर्माताओं और पक्षों का आरोप है कि परियोजना की तैयारी, प्री-प्रोडक्शन गतिविधियों और शूटिंग शेड्यूल में हुए बदलावों के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी पृष्ठभूमि में FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था।
फेडरेशन का कहना था कि जब तक संबंधित मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उससे जुड़े सदस्य अभिनेता के साथ सहयोग नहीं करेंगे। हालांकि इस निर्णय को लेकर फिल्म उद्योग के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने फेडरेशन के कदम का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने बातचीत और मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालने की वकालत की।
कई सितारे रणवीर के समर्थन में आएइस विवाद पर इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने अपनी राय भी व्यक्त की है। अभिनेता चंकी पांडे और मनोज बाजपेयी समेत कई हस्तियों ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष आपसी बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचेंगे और मामला ज्यादा नहीं बढ़ेगा।
वहीं अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में बड़े नामों को अक्सर विरोध और आलोचना का सामना करना पड़ता है। कंगना ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके खिलाफ भी कई बार ऐसे हालात बने, लेकिन उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा। उन्होंने संकेत दिया कि सफलता के साथ चुनौतियां भी आती हैं और कलाकारों को ऐसे दौर का सामना करना पड़ता है।
करियर के शिखर पर हैं रणवीर सिंहवर्कफ्रंट की बात करें तो रणवीर सिंह इन दिनों अपने करियर के बेहद मजबूत दौर से गुजर रहे हैं। हाल ही में आदित्य धर के निर्देशन में बनी 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' ने मिलकर 3100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है।
दिलचस्प बात यह है कि इन फिल्मों का कुल बजट लगभग 250 से 300 करोड़ रुपये के बीच बताया गया था, जबकि कमाई कई गुना अधिक रही। इस बड़ी सफलता के बाद रणवीर सिंह की लोकप्रियता और बाजार मूल्य दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यही वजह है कि उनके हर नए प्रोजेक्ट और उनसे जुड़े विवाद पर इंडस्ट्री की खास नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि FWICE और रणवीर सिंह के बीच चल रहा यह टकराव आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका 'डॉन 3' के भविष्य पर क्या असर पड़ता है।