अब एक्टर पंकज त्रिपाठी ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’विवाद पर बात की है और कहा कि किसी को अपने समाज के सांस्कृतिक मूल्य को जानना चाहिए और बकवास बोलने में गर्व नहीं करना चाहिए। पंकज ने स्क्रीन के साथ बातचीत में कहा कि यह इंटरनेट की दुनिया है और हर इंसान की अपनी राय है। इंटरनेट के साथ बात ये है कि बहुत से लोग अचानक पॉपुलर चेहरा बन जाते हैं। उन्हें नाम और शौहरत मिलती है, लेकिन सेंसिबिलिटी कहां है? क्या उनके पास साहित्यिक ज्ञान, सामाजिक व्यवहार आदि के मामले में जरूरी इंटेलिजेंस है?
हर किसी को हम जिस समाज में रह रहे हैं उसके कल्चरल वैल्यू को जानने की जरूरत है। सिर्फ इसलिए कि कोई क्लियर सेंसरशिप नहीं है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप मनोरंजन के नाम पर कुछ भी कह सकते हैं। देखिए, बकवास बोलकर मजा लेना ठीक है, लेकिन बकवास बोलकर घमंड करना ठीक नहीं है। लेकिन इससे भी जरूरी बात यह है कि यह कभी भी पूरी तरह से निरर्थक नहीं होना चाहिए। इन सबको इतना महत्व मत दीजिए।
कोई भी वायरल हो सकता है, लेकिन एक वायरल बीमारी की तरह, यह कुछ दिनों तक रहेगा, और फिर...हम आगे बढ़ते हैं। सफलता क्यों और कैसे होती है, यह बहुत सी चीजें निर्धारित करता है। बेशक, मैं इस बारे में बहस नहीं कर रहा हूं कि कौन सही है या गलत...लेकिन, अगर आपके पास शब्दों की ताकत है और आप जो कह रहे हैं उससे लोग प्रभावित होते हैं, तो आपको बहुत जिम्मेदारी के साथ ध्यान रखना चाहिए। पंकज के वर्कफ्रंट पर नजर डालें तो उनकी पिछली फिल्म ‘स्त्री 2’ थी, जो ब्लॉकबस्टर रही।
रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर की थी यह मांगउल्लेखनीय है कि यूट्यूबर व पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को समय रैना के शो पर पैरेंट्स को लेकर अपनी अश्लील टिप्पणी के लिए लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। रणवीर, समय, आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और अपूर्व मखीजा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की गई हैं। अब रणवीर को सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। रणवीर की अपील पर कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है।
रणवीर पर जो केस दर्ज हुआ है, उसके बाद उन्हें गिरफ्तारी का डर सता रहा है। ऐसे में रणवीर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और इस केस पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट से रणवीर को निराश होना पड़ा है। सर्वोच्च न्यायालय ने रणवीर की तुंरत सुनवाई की मांग को ठुकरा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर के वकील अभिनव चंद्रचूड़ से कहा कि मौखिक तौर पर वो तुरंत सुनवाई की मांग पर विचार नहीं कर सकते हैं। इतना ही नहीं बल्कि जस्टिस संजीव खन्ना ने रणवीर के वकील से कहा कि वो पहले रजिस्ट्रार से संपर्क करें। रणवीर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की है।