मुंबई। हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में अपनी मधुर आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज गायिका अलका याग्निक को हाल ही में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। चार दशक से अधिक समय तक भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत देने वाली अलका याग्निक को 23 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान प्रदान किया। हालांकि इस गौरवपूर्ण पल के बीच उनकी सेहत को लेकर फैंस की चिंता भी बनी रही। अब सम्मान ग्रहण करने के बाद अलका याग्निक ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपनी स्वास्थ्य स्थिति और बीते कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की है।
पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं अलका याग्निकप्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने के बाद अलका याग्निक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा और दिल छू लेने वाला नोट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने न केवल पद्म भूषण के लिए आभार व्यक्त किया बल्कि पिछले दो वर्षों में झेली गई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और उस दौरान मिले लोगों के समर्थन को भी याद किया।
अलका ने लिखा कि पिछले कुछ समय से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों, मीडिया और लोगों के बीच आने से दूरी बनाए हुए थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनका जीवन काफी बदल गया था। ऐसे कठिन समय में प्रशंसकों, दोस्तों और शुभचिंतकों से मिले प्रेम, दुआओं और संदेशों ने उन्हें लगातार हिम्मत दी।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा, पिछले दो वर्षों से मैं लोगों के बीच कम दिखाई दी हूं और अपने जीवन की परिस्थितियों को लेकर भी ज्यादा बात नहीं कर पाई। आप में से बहुत से लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही थी। इस दौरान आपके प्यार, प्रार्थनाओं और लगातार मिलते समर्थन ने मुझे मजबूत बनाए रखा। जब मैं आज देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए बाहर निकली, तो मेरा मन कृतज्ञता से भर गया।
इस सम्मान को बताया सभी श्रोताओं का सम्मानअलका याग्निक ने अपने संदेश में यह भी कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं है, बल्कि उन लाखों-करोड़ों श्रोताओं का भी है जिन्होंने वर्षों तक उनके गीतों को अपना प्यार दिया। उन्होंने कहा कि एक कलाकार की सबसे बड़ी पूंजी उसके प्रशंसक होते हैं और उनके बिना कोई भी उपलब्धि अधूरी है।
गायिका ने लिखा कि भले ही पुरस्कार पर उनका नाम दर्ज हो, लेकिन इसकी असली हकदार वह पूरी पीढ़ी है जिसने उनके गीतों को सुना, उन्हें याद रखा और उन्हें अपने जीवन के सुख-दुख के पलों का हिस्सा बनाया। उनके अनुसार यह सम्मान केवल उनके संगीत सफर की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और उम्मीद की ताकत का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह पल इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह उन्हें याद दिलाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच और लोगों का स्नेह किसी व्यक्ति को आगे बढ़ने की शक्ति दे सकता है।
'धीरे-धीरे वापसी की राह पर हूं'अपने भावुक संदेश में अलका याग्निक ने यह भी बताया कि वह अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पद्म भूषण समारोह में शामिल होना उनके लिए केवल एक सम्मान प्राप्त करने का अवसर नहीं था, बल्कि उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का भी मौका था जिन्होंने उनके संघर्ष के दिनों में उनका साथ दिया।
उन्होंने लिखा, मैं धीरे-धीरे अपनी सामान्य जिंदगी की ओर लौटने का प्रयास कर रही हूं। आज यहां मौजूद होना मेरे लिए बेहद खास था। यह केवल मेरी उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के प्रेम और विश्वास का परिणाम है जो इस पूरे सफर में मेरे साथ खड़े रहे।
अलका ने इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का भी धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मान को प्राप्त करना उनके जीवन के सबसे यादगार और भावनात्मक पलों में से एक रहेगा।
दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं गायिकागौरतलब है कि वर्ष 2024 में अलका याग्निक ने अपने प्रशंसकों को यह जानकारी देकर हैरान कर दिया था कि वह एक दुर्लभ स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं। उन्होंने बताया था कि उन्हें 'सेंसरी नर्व हियरिंग लॉस' नामक बीमारी हो गई है, जो एक वायरल संक्रमण के बाद विकसित हुई।
इस बीमारी के कारण उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई और उन्हें अपने पेशेवर जीवन से कुछ समय के लिए दूरी बनानी पड़ी। यही वजह रही कि पिछले दो वर्षों में वह सार्वजनिक मंचों और मनोरंजन जगत की गतिविधियों से काफी हद तक दूर रहीं।
हालांकि अब उनके हालिया संदेश से यह संकेत जरूर मिला है कि वह धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनके प्रशंसक भी लगातार उनकी बेहतर सेहत और जल्द वापसी की कामना कर रहे हैं।
अलका याग्निक की आवाज भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए दशकों से भावनाओं का पर्याय रही है। ऐसे में पद्म भूषण सम्मान के साथ उनकी यह भावुक वापसी न केवल उनके लिए बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी एक विशेष और प्रेरणादायक पल बन गई है।