कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में एक नया वीडियो जारी कर अपने पुराने विवादों और उस समय हुए विरोध का जिक्र किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि जब उनका शो विवादों में घिरा था, तब कई लोग उनके खिलाफ खुलकर सामने आए थे। समय रैना ने सिंगर बी प्राक, कॉमेडियन सुनील पाल और अभिनेता मुकेश खन्ना का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन सभी ने उनके शो की आलोचना की थी और सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई थी।
इस बयान के बाद अभिनेता मुकेश खन्ना ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रोस्टिंग कल्चर और अशालीन भाषा के इस्तेमाल पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पहले भी ऐसे कंटेंट के खिलाफ पूरे देश ने सोशल मीडिया पर आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि उस समय यह देखकर संतोष हुआ था कि लोग पहली बार इस तरह के कार्यक्रमों के खिलाफ एकजुट हुए थे।
हालांकि, मुकेश खन्ना का मानना है कि समय बीतने के साथ हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आए। उन्होंने कहा, “लेकिन साहब, उसके बाद… बहुत पानी गंगा में बह चुका है।” उनके मुताबिक, तमाम आलोचनाओं के बावजूद कुछ लोग अपनी सोच और व्यवहार में बदलाव नहीं लाते और उसी अंदाज में वापस लौट आते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसे लोग यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि वे आज भी पहले जैसे ही हैं।
इसी संदर्भ में मुकेश खन्ना ने एक मशहूर कहावत का जिक्र करते हुए कहा, “कुत्ते की दुम टेढ़ी की टेढ़ी रहती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कहावत किसी जीव के लिए नहीं, बल्कि उस मानसिकता के लिए कही जाती है जो बार-बार समझाने के बाद भी नहीं बदलती।
उन्होंने आगे कहा कि इतने विरोध और आलोचना के बावजूद भी कुछ लोग उसी भाषा और शैली में बिना झिझक बोलते हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय है। उनके अनुसार, कुछ व्यक्तियों की सोच इतनी जड़ हो जाती है कि वे हर बार वही गलतियां दोहराते हैं और उससे सीखने की कोशिश नहीं करते।
“व्यूज क्वालिटी का पैमाना नहीं”मुकेश खन्ना ने वीडियो की लोकप्रियता और व्यूज को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में “वन पॉइंट फाइव मिलियन” व्यूज आना जांच का विषय होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों को खुद सोचना होगा कि वे किस तरह के कंटेंट को समर्थन दे रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यूज किसी भी कंटेंट की गुणवत्ता का प्रमाण नहीं होते। उनके अनुसार, भारत एक ऐसा देश है जो विश्वगुरु बनने की क्षमता रखता है, लेकिन अगर लोग गाली-गलौज और निम्न स्तर की भाषा को मनोरंजन समझकर स्वीकार करेंगे, तो यह समाज के लिए बेहद चिंताजनक और शर्मनाक स्थिति होगी।
रोस्टिंग और गाली-गलौज पर नाराजगीअभिनेता ने रोस्टिंग कल्चर को लेकर कहा कि बीयर बार में कुछ दोस्तों के बीच कही गई बात अलग है, लेकिन जब वही बात यूट्यूब या टीवी पर सार्वजनिक मंच से कही जाती है तो वह सिर्फ मजाक नहीं रह जाती, बल्कि एक तरह का आक्षेप और हमला बन जाती है. उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा समाज में नकारात्मकता फैलाती है और परिवार के साथ बैठकर देखे जाने लायक नहीं होती.
शक्तिमान पर टिप्पणी पर भी जवाबमुकेश खन्ना ने यह भी साफ किया कि वह इसलिए परेशान नहीं हैं कि विवाद में शक्तिमान को घसीटा गया, क्योंकि शक्तिमान की छवि इतनी मजबूत है कि उस पर कोई असर नहीं पड़ सकता. उन्होंने कहा कि सच के खिलाफ बोलने वाला व्यक्ति देर-सवेर खुद गिरता है.
बयान के अंत में समय रैना का नाम लेकर दी चेतावनीअपने बयान के अंत में मुकेश खन्ना ने सीधे तौर पर समय रैना का नाम लेते हुए कहा, “आई विल वेट व्हेन द एक्शन इज टेकन अगेंस्ट दिस गाय… जिसका नाम है समय रैना. इसके समय को खत्म कीजिए.”
2025 में क्या हुआ था, जिसके बाद समय रैना पर आफत आ गई थी?दरअसल, समय रैना का नाम बड़े विवादों में तब आया था जब साल 2025 में उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट' का एक एपिसोड भारी बवाल में फंस गया था. शो में कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा और अभद्र मजाक को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट पड़ा था. मामला इतना बढ़ा कि कई जगहों पर शिकायतें दर्ज कराई गईं और शो को बंद कराने की मांग उठने लगी. इसी विवाद के बाद कई नामचीन हस्तियों और सामाजिक संगठनों ने भी नाराजगी जाहिर की थी और कहा था कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं और समाज पर गलत असर डाल रहे हैं. मुकेश खन्ना भी उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने उस वक्त इस तरह के कंटेंट पर सख्त आपत्ति जताई थी. अब समय रैना द्वारा नए वीडियो में पुराने विरोधियों का नाम लेने के बाद यह बहस एक बार फिर चर्चा में लौट आई है. वहीं मुकेश खन्ना के ताजा बयान से साफ है कि वह आज भी अपने स्टैंड पर कायम हैं और चाहते हैं कि ऐसे कंटेंट पर सख्त कार्रवाई हो.