मर्द का दर्द नजर नहीं आता, ज्योति सिंह विवाद के बीच पवन सिंह हुए भावुक

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और भाजपा नेता पवन सिंह ने पत्नी ज्योति सिंह के साथ चल रहे विवाद के बीच पहली बार खुलकर अपने दिल की बातें साझा कीं। पवन सिंह ने कहा कि उन्हें घर आने से किसी ने नहीं रोका है। उनका कहना है कि तलाक का मामला चल रहा है और साथ ही ज्योति सिंह ने मेंटेनेंस के लिए आरा में केस दर्ज कराया है।

अपनापन चुनाव से पहले क्यों नहीं दिखा?

पवन सिंह ने सवाल उठाया कि आज ज्योति जो अपनापन दिखा रही हैं, वह चुनाव से एक-दो महीने पहले क्यों नहीं दिखा। उन्होंने दावा किया कि ज्योति के पिता रामबाबू सिंह उनसे मिलने आए और कहा कि “मेरी बेटी को विधायक बना दीजिए, बाद में छोड़ देंगे।” पवन सिंह ने कहा कि ऐसा उम्मीद नहीं थी कि किसी के लिए विधायक बनने की चाह में इतनी हद तक गिरावट आ सकती है। उन्होंने जोड़ा कि उनके माता-पिता ने उन्हें मर्यादा और संस्कार सिखाए हैं और वह उन पर कायम हैं।

40 की उम्र और अपनी संवेदनाएँ

पवन सिंह ने कहा कि दुनिया उन्हें पावर स्टार के रूप में जानती है, लेकिन 40 साल की उम्र में भी उनका दिल चाहता है कि दरवाजा उनके बेटे या बेटी ही खोलें, न कि सिर्फ स्टाफ। उन्होंने अपने व्यक्तित्व के पीछे छुपी संवेदनाओं को साझा करते हुए कहा कि मर्द का दर्द अक्सर दिखाई नहीं देता, जबकि महिला की हर बात पर आंसू आ जाते हैं।
भावुक होते हुए बोले पवन सिंह

पवन सिंह ने कहा, “मैं भी इंसान हूं, थक जाता हूं कभी-कभी। जो लोग इस मामले पर मज़ा ले रहे हैं, मैं कहना चाहता हूं कि फैमिली की बातें कमरे में होती हैं, कैमरे पर नहीं। हमारे केस का मामला तीन-चार साल से चल रहा है, नजदीकी अब संभव नहीं है।”

चुनावी राजनीति को जोड़कर देखा जा रहा मामला


पवन सिंह ने कहा कि जब ज्योति ने देखा कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और विनोद तावड़े से मुलाकात की, तब उन्हें लगा कि पवन चुनाव लड़वा सकते हैं। लेकिन पवन ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई इरादा नहीं था।

इस बातचीत में पवन सिंह ने अपनी निजी भावनाओं को साझा किया और साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि घर की निजी बातें सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, परिवारिक मामलों में दखलंदाजी करने वाले लोग स्थिति को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।