25 साल बाद फिर बड़े पर्दे पर लौटेगी 'लगान', खास ट्रेलर ने जगाईं पुरानी यादें; 8 राष्ट्रीय पुरस्कारों से हुई थी सम्मानित

भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाने वाली 'लगान' अपनी रिलीज के 25 साल पूरे होने के अवसर पर एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने जा रही है। साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी, बल्कि अपने अनूठे विषय, दमदार अभिनय और यादगार संगीत के कारण दर्शकों के दिलों में भी खास जगह बनाई थी। अब फिल्म की सिल्वर जुबली के मौके पर निर्माताओं ने इसकी री-रिलीज की घोषणा की है और साथ ही एक विशेष ट्रेलर भी जारी किया है, जिसने फिल्म प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।

आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस कालजयी फिल्म को फिर से सिनेमाघरों में देखने का मौका मिलने वाला है। मेकर्स के अनुसार 'लगान' 12, 13 और 14 जून को देशभर के चुनिंदा सिनेमाघरों में दोबारा प्रदर्शित की जाएगी। तीन दिनों तक दर्शक इस फिल्म का आनंद बड़े पर्दे पर उठा सकेंगे। री-रिलीज की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई प्रशंसक इसे अपने परिवार और नई पीढ़ी के साथ फिर से देखने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं।

फिल्म का नया ट्रेलर पुराने दौर की यादों को ताजा करने का काम करता है। ट्रेलर में ग्रामीण भारत की झलक, अंग्रेजी हुकूमत के समय का माहौल और क्रिकेट के जरिए अन्याय के खिलाफ लड़ी गई एक अनोखी लड़ाई को खूबसूरती से दर्शाया गया है। इसके साथ ही गांव वालों की एकजुटता, संघर्ष और आत्मविश्वास को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। ट्रेलर देखने के बाद ऐसा महसूस होता है जैसे दर्शक एक बार फिर उस दौर में लौट गए हों, जब यह फिल्म पहली बार सिनेमाघरों में आई थी और लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गई थी।

निर्देशक आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित 'लगान: वन्स अपॉन अ टाइम इन इंडिया' भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल है, जिन्हें आज भी क्लासिक का दर्जा दिया जाता है। फिल्म में आमिर खान ने भुवन का किरदार निभाया था, जबकि ग्रेसी सिंह ने गौरी की भूमिका में दर्शकों का दिल जीता था। इनके अलावा सुहासिनी मुले, कुलभूषण खरबंदा, रघुबीर यादव, राजेंद्र गुप्ता, राजेश विवेक, श्रीवल्लभ व्यास, राज जुत्शी, प्रदीप रावत, अखिलेन्द्र मिश्रा, दयाशंकर पांडेय, यशपाल शर्मा, अमीन हाजी, आदित्य लाखिया, जावेद खान और ए.के. हंगल जैसे कलाकारों ने भी अपने अभिनय से फिल्म को यादगार बनाया।
फिल्म की खास बात सिर्फ इसकी कहानी या कलाकारों की टोली नहीं थी, बल्कि इसका संगीत भी इसकी सफलता का एक बड़ा आधार बना। प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान ने फिल्म के लिए ऐसा संगीत तैयार किया, जो आज भी लोगों की जुबान पर है। 'घनन घनन', 'मितवा', 'राधा कैसे ना जले', 'ओ रे छोरी' और 'चले चलो' जैसे गीत समय के साथ और भी लोकप्रिय होते गए। इन गीतों ने फिल्म की भावनाओं और कहानी को दर्शकों तक प्रभावशाली ढंग से पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

फिल्म में भारतीय कलाकारों के साथ-साथ ब्रिटिश कलाकार रेचल शेली और पॉल ब्लैकथॉर्न ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। भारतीय और विदेशी कलाकारों के इस संयोजन ने कहानी को और अधिक वास्तविक और प्रभावशाली बना दिया। यही वजह रही कि 'लगान' ने देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई।

पुरस्कारों की बात करें तो 'लगान' ने कई बड़े सम्मान अपने नाम किए थे। यह फिल्म ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारत की ओर से आधिकारिक प्रविष्टि बनी और सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म की श्रेणी में नामांकित भी हुई थी। इसके अलावा 49वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में फिल्म ने 'बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट' सहित कुल आठ राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए थे। यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।

दिलचस्प बात यह है कि 15 जून 2001 को 'लगान' के साथ सनी देओल की फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' भी रिलीज हुई थी। दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और उस साल भारतीय सिनेमा को दो ऐसी फिल्में मिलीं, जिन्हें आज भी दर्शक बड़े सम्मान और उत्साह के साथ याद करते हैं। अब 25 साल बाद 'लगान' की वापसी एक बार फिर उस सुनहरे दौर की यादों को ताजा करने के लिए तैयार है।