कांतारा चैप्टर 1 : बॉक्स ऑफिस पर जारी है सुनामी, वर्ल्ड वाइड 6 दिनों में कमाए 427 करोड़ रुपये

अभिनेता और निर्देशक ऋषभ शेट्टी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। रिलीज़ के महज छह दिनों के भीतर फिल्म ने दुनिया भर में 427.5 करोड़ रुपये की शानदार कमाई करते हुए अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। निर्माताओं होम्बले फिल्म्स ने आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है, जिसमें कहा गया है कि फिल्म को दर्शकों का अपार प्यार मिल रहा है और इसकी सफलता का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।

दो अक्टूबर को रिलीज हुई यह फिल्म कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, बांग्ला और अंग्रेजी भाषाओं में एक साथ प्रदर्शित की गई थी। मल्टी-लिंगुअल रिलीज़ की रणनीति ने फिल्म के कलेक्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ के चलते फिल्म के शो हाउसफुल चल रहे हैं। कई ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘कांतारा: चैप्टर 1’ आने वाले दिनों में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार कर सकती है।

यह फिल्म ‘कांतारा’ के प्रीक्वल के रूप में बनाई गई है और इसकी कहानी एक पौराणिक पृष्ठभूमि में स्थापित है, जिसमें लोककथाओं, धर्म और प्रकृति के बीच संघर्ष को गहराई से दिखाया गया है। ऋषभ शेट्टी के निर्देशन और उनके अभिनय की जमकर सराहना की जा रही है। फिल्म के विजुअल्स, म्यूजिक और कल्चर-आधारित कहानी ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है।

‘कांतारा: चैप्टर 1’ की इस ऐतिहासिक सफलता ने न सिर्फ कन्नड़ सिनेमा, बल्कि पूरे भारतीय फिल्म उद्योग में एक बार फिर दक्षिण भारतीय फिल्मों की ताकत को साबित किया है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए गौरव का विषय बन चुकी है और आने वाले हफ्तों में इसके कलेक्शन के और बढ़ने की उम्मीद है।

यह फिल्म शेट्टी की 2022 की ब्लॉकबस्टर ‘कांतारा’ की ‘प्रीक्वल’ है, जो अपनी जड़ों से जुड़ी कहानी, तटीय कर्नाटक की लोककथाओं को दिखाती है। यह अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कन्नड़ फिल्मों में से एक बन गई है। फिल्म की सफलता से उत्साहित ऋषभ शेट्टी ने कहा कि इसने उनके इस विश्वास को मजबूत किया है कि क्षेत्रीय कहानी को भी हर जगह स्वीकार किया जा सकता है।

कर्नाटक के लोकगीत से वाकिफ हुई दुनिया

हाल ही में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमने पहली फिल्म से 'कांतारा' की दुनिया शुरू की और तब से हम प्रकृति और मनुष्यों के बीच के संबंधों का पता लगा रहे हैं। यह कहानी तटीय कर्नाटक के हमारे लोकगीतों में निहित है, हम अपनी फिल्म में जनजातियों, लोककथाओं और देवी-देवताओं की पूजा के बारे में बात करना चाहते हैं।’’

शेट्टी ने यहां संवाददाताओं से कहा, तब से मेरे मन में यह विचार आया कि क्षेत्रीय कहानी भी सबके दिल को छू सकती है। इस बार इस सफलता के साथ, यह बात एक बार फिर साबित हो गई है कि हमारी फिल्म को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है। शेट्टी सह-कलाकार जयराम, गुलशन देवैया, छायाकार अरविंद एस कश्यप, कॉस्ट्यूम डिजाइनर प्रगति शेट्टी और प्रोडक्शन बैनर होम्बले फिल्म्स के चौलवे गौड़ा के साथ एक प्रेस वार्ता में बोल रहे थे।


शेट्टी ने कहा, हमने इस बार अपने मूल पर टिके रहने की कोशिश की है और दर्शकों ने इसकी सराहना की है। मुझे लगता है कि यह पिछली बार की तुलना में अधिक प्रभावी है, जिसके बारे में मैंने समीक्षाओं में सुना था। शेट्टी को कांतारा के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।