जावेद अख्तर ने अपने बेटे फरहान अख्तर के बचपन से जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया है, जिसमें धर्म को लेकर फरहान के सवाल और उनके जवाब का जिक्र है। जावेद अख्तर के मुताबिक, जब फरहान करीब 8 साल के थे, तब उन्होंने स्कूल से लौटने के बाद उनसे पूछा था कि क्या वे मुस्लिम हैं। इस सवाल के जवाब में जावेद ने उन्हें धर्म को लेकर अपनी सोच समझाई थी।
जावेद अख्तर ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को किसी विशेष धर्म की पहचान नहीं दी। उनके अनुसार, बच्चे के जन्म के साथ उसका किसी शहर या समुदाय से जुड़ना स्वाभाविक हो सकता है, लेकिन इससे यह तय नहीं होता कि वह व्यक्ति आगे चलकर खुद को किस तरह देखता है।
फरहान ने बचपन में पूछा था धर्म से जुड़ा सवालजावेद अख्तर ने उस घटना को याद करते हुए बताया कि फरहान उस समय स्कूल से लौटे थे। उनके कंधे पर स्कूल बैग था और वह सीधे उनके पास आए। इसके बाद उन्होंने अपने पिता से पूछा कि क्या वे मुस्लिम हैं।
जावेद के मुताबिक, उन्होंने फरहान को समझाया कि इंसान का जन्म किसी शहर में हो सकता है और वह किसी समुदाय में भी जन्म ले सकता है, लेकिन केवल जन्मस्थान या समुदाय किसी व्यक्ति की पूरी पहचान तय नहीं करता। उन्होंने कहा कि उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति स्वयं क्या है।
जावेद ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने बच्चों को किसी धर्म से नहीं जोड़ा। उनके मुताबिक, यदि किसी बच्चे को एक निश्चित धार्मिक पहचान देनी होती है, तो वह उन्होंने नहीं की। उनका कहना था कि वह धर्म के मामले में पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष सोच रखते हैं।
फरहान और जोया को लेकर जावेद को गर्वजावेद अख्तर ने बातचीत के दौरान अपने दोनों बच्चों फरहान अख्तर और जोया अख्तर के काम और सफलता को लेकर भी बात की। दोनों उनके और उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी के बच्चे हैं।
जावेद ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों पर गर्व है, क्योंकि दोनों ने अपने क्षेत्र में सफलता हासिल की है और अपने काम से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सफलता का श्रेय उन्हें नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार इसमें उनका कोई योगदान नहीं है।
बच्चों के काम की भी की तारीफजावेद अख्तर ने फरहान और जोया के काम को लेकर कहा कि दोनों सफलता, नाम, शोहरत और पैसे हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जाने की कोशिश नहीं करते। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि उनके बच्चों ने ऐसी फिल्में नहीं बनाई हैं जिन्हें वह भद्दा या अश्लील मानते हों।
उनके मुताबिक, दोनों के काम में एक गरिमा दिखाई देती है और यही बात उन्हें सबसे ज्यादा खुशी देती है। जावेद ने अपने बच्चों की इस सोच और काम के लिए अपनी पहली पत्नी हनी ईरानी को भी इसका श्रेय दिया।
इस बातचीत में जावेद अख्तर ने जहां फरहान के बचपन की एक याद साझा की, वहीं अपने बच्चों की व्यक्तिगत सोच और उनके पेशेवर काम को लेकर भी अपनी राय सामने रखी।