‘रामायण’ पर उठे सवालों के बीच Hrithik Roshan का बयान, VFX आलोचना पर दिया जवाब—कहा, 'हर चीज को समझकर करें जज'

Ranbir Kapoor स्टारर और Nitesh Tiwari के निर्देशन में बन रही फिल्म Ramayanam इस समय इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शुमार हो चुकी है। इस फिल्म में जहां रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे, वहीं Sai Pallavi सीता और Yash रावण के किरदार में दिखाई देंगे। करीब 4000 करोड़ के भारी-भरकम बजट में तैयार हो रही यह फिल्म दो हिस्सों में रिलीज की जाएगी। टीजर सामने आने के बाद से ही यह फिल्म सोशल मीडिया पर छाई हुई है और इसे लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।

टीजर रिलीज के बाद जहां एक ओर कुछ दर्शकों ने फिल्म के भव्य स्तर और विजुअल ट्रीट की तारीफ की, वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इसके VFX को लेकर सवाल खड़े किए। कुछ यूजर्स ने तो इसे “वीडियो गेम जैसा” बताते हुए इसकी आलोचना भी की। इस तरह फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जिसमें सराहना और आलोचना दोनों शामिल हैं।

इसी बहस के बीच अब Hrithik Roshan ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए फिल्म और उसके निर्माताओं के पक्ष में खुलकर बात रखी है। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि किसी भी फिल्म के बारे में शुरुआती झलकियों के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उनके मुताबिक, दर्शकों को पूरी फिल्म देखने के बाद ही अपनी राय बनानी चाहिए, ताकि उसके प्रयास और प्रस्तुति को सही तरीके से समझा जा सके।

ऋतिक ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में विस्तार से VFX को लेकर अपनी सोच साझा की। उन्होंने लिखा कि हां, कई बार VFX कमजोर हो सकते हैं और कुछ मामलों में इतने खराब होते हैं कि देखने में भी असहज लगते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक कलाकार के रूप में उन्हें खुद भी ऐसा महसूस होता है, खासकर जब बात उनकी अपनी फिल्मों की हो। उन्होंने अपने बचपन का जिक्र करते हुए बताया कि 11 साल की उम्र में लंदन यात्रा के दौरान उन्होंने Back to the Future देखी थी, जिसने उनके सोचने और फिल्मों को देखने के नजरिए को पूरी तरह बदल दिया।
इसके साथ ही Hrithik Roshan ने यह भी स्पष्ट किया कि VFX को सिर्फ “रियल दिखने” के पैमाने पर आंकना सही नहीं है। उनके अनुसार, हर फिल्म की एक अलग शैली और प्रस्तुति होती है। कुछ फिल्में पूरी तरह यथार्थवादी दिखने की कोशिश करती हैं, जबकि कुछ कहानी को “स्टोरीबुक” अंदाज में पेश करती हैं। ऐसे में अगर किसी फिल्म का उद्देश्य फोटोरियलिज्म नहीं है, तो उसे उसी आधार पर जज करना गलत होगा।

उन्होंने आगे समझाया कि VFX तब कमजोर माना जाता है, जब फिल्म दर्शकों से एक खास तरह की उम्मीद पैदा करे, लेकिन उसे पूरा न कर पाए। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई फिल्म खुद को पूरी तरह वास्तविक दिखाने का दावा करे और उसमें कमी रह जाए, तो दर्शकों का अनुभव टूट सकता है। वहीं, अगर फिल्म एक कलात्मक और काल्पनिक दुनिया रचने की कोशिश कर रही हो, तो उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह दर्शकों को उस दुनिया में कितना डुबो पाती है।

अपने संदेश के अंत में ऋतिक ने दर्शकों से सोच-समझकर प्रतिक्रिया देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म को सिर्फ इसलिए आलोचना का शिकार नहीं बनाना चाहिए क्योंकि उसकी शैली आपकी पसंद से अलग है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगली बार जब दर्शक VFX पर सवाल उठाएं, तो यह भी विचार करें कि क्या वह फिल्म की कहानी और उद्देश्य के अनुरूप है।

अंत में, Ramayanam की रिलीज को लेकर भी जानकारी दी गई है। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में आएगा, जबकि इसका दूसरा हिस्सा दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि रिलीज के बाद दर्शक इस फिल्म को किस नजरिए से देखते हैं।