‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की दिशा वकानी के पिता भीम वकानी का निधन, इंडस्ट्री में शोक की लहर

टेलीविजन की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोकप्रिय शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में दयाबेन का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री दिशा वकानी के पिता और वरिष्ठ अभिनेता भीम वकानी अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने अहमदाबाद में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। भीम वकानी सिर्फ एक प्रतिभाशाली कलाकार ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने बच्चों दिशा वकानी और मयूर वकानी के करियर को दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

असित कुमार मोदी ने जताया शोक

इस दुखद खबर की पुष्टि शो के निर्माता असित कुमार मोदी ने की। ‘मनीकंट्रोल’ से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सुबह उन्हें परिवार की ओर से इस खबर की जानकारी मिली। भावुक होते हुए असित मोदी ने कहा, “भीम वकानी एक अनुभवी अभिनेता, चित्रकार और निर्देशक थे। दिशा वकानी को दयाबेन के रूप में जो पहचान मिली, उसके पीछे उनके पिता की मेहनत और मार्गदर्शन था।”

उन्होंने यह भी बताया कि भीम वकानी के साथ उनका रिश्ता सिर्फ काम तक सीमित नहीं था, बल्कि पारिवारिक जुड़ाव जैसा था। जब भी वे मुंबई आते, तो असित मोदी के घर ही ठहरते थे और साथ में समय बिताते थे। उनके निधन से उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे परिवार का कोई अपना चला गया हो।
बड़े सितारों के साथ किया काम

भीम वकानी ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई। वह आमिर खान की चर्चित फिल्म ‘लगान’ का हिस्सा रह चुके थे। इसके अलावा उन्होंने शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ भी काम किया। वह शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ में भी नजर आए थे।

दिलचस्प बात यह है कि भीम वकानी ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के कुछ एपिसोड्स में भी दिखाई दिए थे, जहां उन्होंने जेठालाल के पिता के दोस्त का किरदार निभाया था। उनके दोनों बच्चे आज जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके पिता के मार्गदर्शन और संस्कारों की बड़ी भूमिका रही है।

अहमदाबाद में होगा अंतिम संस्कार

भीम वकानी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक शहर अहमदाबाद में किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद टीवी और फिल्म जगत के कई कलाकारों और फैंस ने सोशल मीडिया के जरिए शोक व्यक्त किया है।

दिशा वकानी, जो लंबे समय से छोटे पर्दे से दूर हैं, इस समय एक गहरे व्यक्तिगत दुख से गुजर रही हैं। वकानी परिवार के लिए यह क्षण बेहद कठिन है, क्योंकि उन्होंने न केवल एक पिता और मार्गदर्शक को खोया है, बल्कि कला के प्रति समर्पित एक महान कलाकार को भी हमेशा के लिए विदा किया है।