दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के लिए सीजेपी को दिल्ली पुलिस से आधिकारिक अनुमति मिल चुकी है। यह पूरा प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है। इसी बीच फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कई चेहरों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इस आंदोलन को समर्थन भी मिल रहा है। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने पार्टी से उम्मीद जताते हुए कहा कि वे सच्चे देशभक्त बनें। वहीं अभिनेता प्रकाश राज जैसे कई नामी कलाकारों ने भी इस आंदोलन के पक्ष में अपनी आवाज उठाई है।
ऋचा चड्ढा ने CJP के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में दी प्रतिक्रियाअभिनेत्री ऋचा चड्ढा इन दिनों ऑकलैंड में मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी नजरें दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए सीजेपी को लेकर एक विस्तृत पोस्ट साझा किया। ऋचा ने लिखा कि वह इस समय ऑकलैंड जैसे शहर में हैं, जहां शायद दुनिया की सबसे साफ हवा है, लेकिन उनका मन लगातार दिल्ली में अटका हुआ है। उन्होंने अपनी यादों को साझा करते हुए दिल्ली को अपना बचपन, स्कूल और कॉलेज का शहर बताया, जो हरियाली और बड़े पार्कों से भरा हुआ है। उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें दिखावटी राष्ट्रवाद से आगे बढ़कर सच्चे अर्थों में देशभक्त बनने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि युवा पीढ़ी शांत, दयालु और रणनीतिक सोच के साथ आगे बढ़े।
इसी पोस्ट में ऋचा चड्ढा ने आगे एक और विचार साझा करते हुए लिखा कि उन्हें एक उदाहरण याद आता है जिसमें उल्कापिंड गिरने के बाद डायनासोर विलुप्त हो गए थे, लेकिन तिलचट्टे यानी कॉकरोच उससे भी लंबे समय तक जीवित रहे। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा। इसके अलावा उन्होंने अपनी एक अन्य पोस्ट में अनिल कपूर और श्रीदेवी की फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के एक दृश्य की क्लिप भी साझा की, जिसमें एक किरदार कॉकरोच देखकर घबराकर भागता हुआ दिखाई देता है।
CJP के आंदोलन को बॉलीवुड से मिला समर्थनकॉकरोच जनता पार्टी के इस विरोध-प्रदर्शन को अनुमति मिलने के बाद अभिनेता प्रकाश राज ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा कि वह 6 तारीख को वहां पहुंचने की पूरी कोशिश करेंगे ताकि कॉकरोच पार्टी के इस महत्वपूर्ण आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता दिखा सकें। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह उस समय एक फिल्म की शूटिंग के कारण दूर हैं, लेकिन फिर भी वहां पहुंचने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल हों और अपनी आवाज मजबूत करें।
अतुल कुलकर्णी ने भी जताया समर्थन, साथ ही मांगी माफीइसी क्रम में अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी कॉकरोच पार्टी के समर्थन में एक पोस्ट साझा किया और साथ ही अपनी भावनात्मक प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने अपने संदेश में युवाओं को संबोधित करते हुए लिखा कि जैसे-जैसे युवा अपनी आवाज बुलंद करने और अपने फैसलों को महत्व देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, उन्हें उन पर पूरा भरोसा है।
इसके साथ ही उन्होंने अपने संदेश में माफी भी मांगी। उन्होंने लिखा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले तथा बाद की पीढ़ियों ने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह नहीं निभाया। उन्होंने स्वीकार किया कि कई गलतियां हुईं और कई ऐसी समस्याएं पीछे छोड़ दी गईं, जिनका सामना आज की युवा पीढ़ी कर रही है। इसके लिए उन्होंने खेद व्यक्त किया और कहा कि वे दिल से माफी चाहते हैं। उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि युवा पीढ़ी ईमानदारी, संवेदनशीलता और करुणा के साथ देश को एक बेहतर दिशा दे। अंत में उन्होंने सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
कुनिका सदानंद ने भी दिखाई समर्थन की झलकअभिनेत्री कुनिका सदानंद ने भी इस आंदोलन को लेकर अपनी राय सोशल मीडिया पर साझा की है। उन्होंने एक लाइव वीडियो के माध्यम से सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम हो सकता है, लेकिन कई लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण याद दिलाने वाला अवसर है कि भारत का भविष्य अंधभक्ति से नहीं बल्कि जागरूक और समझदार नागरिकों से तय होता है।
उन्होंने आगे लिखा कि नेता चाहे कितने भी वादे करें, सरकारें बड़ी घोषणाएं करें, लेकिन वास्तविक बदलाव केवल भाषणों से नहीं आता, बल्कि काम, जवाबदेही और ठोस परिणामों से दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र किसी एक पार्टी, विचारधारा, धर्म या समुदाय का नहीं होता, बल्कि यह उन नागरिकों का होता है जो सोच-समझकर सवाल पूछते हैं और अपने आसपास हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं।
अंत में कुनिका सदानंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का भविष्य अंधभक्ति से नहीं, बल्कि जागरूक और समझदार नागरिकों से ही तय होगा।
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन का कारण क्या है?अगर इस पूरे प्रदर्शन की वजह पर नजर डाली जाए तो सीजेपी द्वारा आयोजित यह आंदोलन मुख्य रूप से नीट परीक्षा पेपर लीक मामले से जुड़ा हुआ है। इस कथित पेपर लीक विवाद के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नई दिल्ली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके और किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।