गुरुवार 30 अप्रैल को बॉलीवुड ने अपने एक और बेहतरीन अभिनेता को कैंसर के चलते खो दिया। यह सितारे थे ऋषि कपूर, जो विदेश में इस बीमारी का इलाज करवा कर लौटे थे लेकिन इलाज के कुछ माह बाद उन्होंने इस दुनिया से विदा ली। फिल्मी परदे पर कई चरित्रों को अपने अभिनय से सजाने वाले इस सितारे ने अपने अभिनय करियर में कुछ ऐसे किरदार निभाए हैं, जो दर्शकों के जेहन में हमेशा बने रहेंगे।
आइए डालते हैं एक नजर उन किरदारों पर जिन्हें भुलाना नामुमिकन है—
कपूर एण्ड संस का ‘दादू’करण जौहर द्वारा निर्मित और शकुन बत्रा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ऋषि कपूर ने 90 वर्षीय अमरजीत कपूर की भूमिका निभाई थी, जिसमें उनका ख्वाब होता है कि उनका पूरा परिवार एक साथ एक ही जगह पर रहे। इस किरदार को उन्होंने जिस शिद्दत व खूबसूरती के साथ परदे पर उतारा वह अविस्मरणीय है। 18 मार्च 2016 को बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शित हुई इस फिल्म ने वल्र्ड वाइड 152 करोड़ का कारोबार करने में सफलता प्राप्त की थी, जबकि इसकी लागत मात्र 35 करोड़ थी। इसके साथ ही इस फिल्म ने उस वर्ष के 62वें फिल्मफेयर पुरस्कारों में 5 पुरस्कार अपनी झोली में डाले थे जिसमें सर्वश्रेष्ठ कथा-पटकथा और सर्वश्रेष्ठ सपोर्टिंग अभिनेता (ऋषि कपूर) के पुरस्कार शामिल थे।
‘रउफ लाला’ करियर का पहला और एकमात्र खलपात्र, अविस्मरणीय, बेमिसालऋषि कपूर ने अपने 47 साल के करियर में लगभग 137 फिल्मों में काम किया था, जिसमें से 92 में नायक और शेष फिल्मों में चरित्र भूमिकाएँ थी। उनके द्वारा निभाई गई चरित्र भूमिकाओं में एक भूमिका ‘रउफ लाला’ की भी रही। यह उनके अभिनय संसार का पहला और एकमात्र खल चरित्र था, जिसमें उन्होंने अपने करियर का पूरा अनुभव और अपनी अभिनय क्षमता को झोंक दिया था। इस किरदार को दर्शक उसी तरह याद रखेंगे जिस तरह से उनके जेहन में ‘गब्बर’ बैठा हुआ है।
दो दुनी चार का अध्यापक संतोष दुग्गलअपनी पत्नी नीतू कपूर के साथ उन्होंने परदे पर भी पति की भूमिका अदा की। मध्यम वर्गीय अध्यापक जो अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने की जद्दोजहद में लगा रहता है। संतोष दुग्गल के किरदार को सफल बनाने में ऋषि कपूर की कॉमिक टाइमिंग और संवाद अदायगी का मुख्य हाथ रहा था।
‘मुल्क’ के मुराद अलीनिर्देशक अनुभव सिन्हा की इस कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म में ऋषि कपूर ने एक मुस्लिम व्यक्ति ‘मुराद अली’ की भूमिका निभाई थी, जिस पर अपने भतीजे के आपराधिक रवैये की वजह से आतंकवादी होने का आरोप लगाया जाता है। इसके चलते उन्हें स्वयं को यह सिद्ध करना पड़ता है कि वे आतंकवादी नहीं हैं। इस किरदार के हर पहलू को ऋषि कपूर ने अपने बेहतरीन अभिनय से संवारा और पेश किया था। 3 अगस्त 2018 को प्रदर्शित हुई 20 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 28.33 करोड़ का कारोबार करने में सफलता प्राप्त की। इसके साथ ही उस वर्ष के फिल्मफेयर पुरस्कारों में भी स्वयं को नामांकित करवाने में सफलता प्राप्त की थी और अपनी झोली में सर्वश्रेष्ठ कथानक का पुरस्कार डालने में सफल रही थी।
बॉबी का वो किशोरवय प्रेमीऔर सबसे अन्त में उनकी पहली फिल्म का वो किशोरवय प्रेमी जो अपनी प्रेमिका के लिए जान की बाजी लगाने से भी बाज नहीं आता। बॉबी के बाद कई ऐसी फिल्मों का निर्माण हुआ जिसमें किशोरावस्था का प्रेम दिखाया गया था, लेकिन जो सफलता इस फिल्म और इसके किरदारों को मिली वह किसी और नसीब नहीं हुई।