71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान और रानी मुखर्जी ने जब अपनी-अपनी पहली नेशनल अवॉर्ड ट्रॉफी हासिल की, तो सिर्फ पुरस्कार ही नहीं, बल्कि भावनाओं से भरे कुछ अनमोल लम्हे भी कैमरे में कैद हो गए। दिल्ली में मंगलवार को आयोजित इस समारोह में जहां एक ओर स्टार्स की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, वहीं ऑफ-स्टेज इनकी दोस्ती और सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में शाहरुख खान अपने मेडल को गले में पहनने की कोशिश कर रहे होते हैं, लेकिन कुछ उलझन के कारण वह इसे ठीक से नहीं पहन पाते। तभी रानी मुखर्जी उनकी मदद के लिए आगे आती हैं और बड़ी आत्मीयता से शाहरुख का मेडल सुलझाकर उनके गले में पहनाती हैं। इसके बाद दोनों की मुस्कुराहट जैसे पूरे माहौल को और भी खुशनुमा बना देती है। इस पूरे क्षण को देखकर फैंस की भावनाएं उमड़ पड़ीं और सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई।
फैंस ने दोनों की बॉन्डिंग को “BFF goals” करार देते हुए कहा कि, “ये तो बच्चों की तरह बर्ताव कर रहे हैं, जैसे किसी नर्सरी स्कूल में नया ID कार्ड मिला हो।” एक यूज़र ने लिखा, “कितनी भी उम्र हो जाए, मेडल पाने की खुशी आपको बच्चा बना देती है।” वहीं किसी ने कहा, “वो जिस तरह मेडल पहनकर अपने मैनेजर को दिखा रहे थे, बहुत प्यारा लम्हा था।” एक अन्य कमेंट में लिखा गया, “दोस्ती अगर ऐसी हो, तो हर सफलता और भी खास बन जाती है।”
शाहरुख खान और रानी मुखर्जी की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हमेशा दर्शकों की पसंद रही है। ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुशी कभी ग़म’, ‘चलते चलते’, ‘कभी अलविदा न कहना’ और ‘वीर-ज़ारा’ जैसी फिल्मों में दोनों की जोड़ी ने कई यादगार पल दिए हैं। लेकिन असल ज़िंदगी में भी इनकी दोस्ती उतनी ही मजबूत और प्यारी है, इसका नमूना इस अवॉर्ड सेरेमनी में देखने को मिला।
इस साल शाहरुख खान को एटली निर्देशित फिल्म जवान के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है, जबकि रानी मुखर्जी को मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे में दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड दिया गया। विक्रांत मैसी ने 12th फेल के लिए शाहरुख के साथ संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का खिताब साझा किया।
समारोह में दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1980 में अपने करियर की शुरुआत की थी और मलयालम के साथ-साथ तमिल, तेलुगू और हिंदी सिनेमा में भी अपनी छाप छोड़ी है।