मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, छोटी सी गलती भी बढ़ा सकती है त्वचा का रूखापन

गर्मियों के मौसम में तेज धूप, धूल-मिट्टी और लगातार आने वाले पसीने के कारण त्वचा की देखभाल करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू उपायों पर अधिक भरोसा करते हैं। इन्हीं घरेलू नुस्खों में मुल्तानी मिट्टी का नाम सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल है। वर्षों से इसका उपयोग त्वचा को साफ और तरोताजा बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, कई लोग इसके इस्तेमाल का सही तरीका नहीं जानते, जिसके कारण अपेक्षित लाभ मिलने की बजाय त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।

अक्सर देखा जाता है कि मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद कुछ लोगों की त्वचा अत्यधिक रूखी हो जाती है, जबकि कई लोगों को चेहरे पर खिंचाव और असहजता महसूस होने लगती है। इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि मुल्तानी मिट्टी का उपयोग किस प्रकार किया जाए, ताकि त्वचा को लाभ मिले और उसका प्राकृतिक निखार बरकरार रहे।

त्वचा की देखभाल में क्यों खास मानी जाती है मुल्तानी मिट्टी?

मुल्तानी मिट्टी को प्राकृतिक क्लेंजर के रूप में जाना जाता है। यह त्वचा की सतह पर जमा अतिरिक्त तेल, धूल, गंदगी और अशुद्धियों को हटाने में मदद करती है। खासकर गर्मियों में इसका इस्तेमाल चेहरे को ठंडक पहुंचाने और ताजगी बनाए रखने के लिए किया जाता है। जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है, वे इसका उपयोग अधिक पसंद करते हैं क्योंकि इससे त्वचा साफ और हल्की महसूस होती है।
फेस पैक लगाने से पहले चेहरे की सफाई जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार मुल्तानी मिट्टी लगाने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करना बेहद आवश्यक है। यदि त्वचा पर मेकअप, धूल या पसीना मौजूद रहेगा तो पैक अपनी पूरी प्रभावशीलता नहीं दिखा पाएगा। इसलिए पहले किसी हल्के फेस वॉश से चेहरा धोकर त्वचा को साफ करें और उसके बाद ही मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करें।

अपनी स्किन टाइप के अनुसार तैयार करें फेस पैक

हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए मुल्तानी मिट्टी में मिलाए जाने वाले तत्व भी त्वचा की जरूरत के अनुसार होने चाहिए। सही मिश्रण का चयन करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

तैलीय त्वचा वाले लोग मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर उपयोग कर सकते हैं।
शुष्क त्वचा वाले लोगों के लिए इसमें दही या शहद मिलाना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
जिन लोगों को मुंहासों की समस्या रहती है, वे एलोवेरा जेल मिलाकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस तरह त्वचा की प्रकृति के अनुसार फेस पैक तैयार करने से उसकी प्रभावशीलता बढ़ सकती है।

पूरी तरह सूखने तक चेहरे पर न छोड़ें


कई लोग यह सोचकर मुल्तानी मिट्टी को लंबे समय तक चेहरे पर लगाए रखते हैं कि इससे अधिक फायदा होगा। वे पैक को तब तक नहीं हटाते जब तक वह पूरी तरह सख्त न हो जाए। हालांकि त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करना हमेशा फायदेमंद नहीं होता।

जब मुल्तानी मिट्टी पूरी तरह सूख जाती है तो वह त्वचा की प्राकृतिक नमी भी सोख सकती है, जिससे रूखापन बढ़ने लगता है। इसलिए बेहतर माना जाता है कि पैक के हल्का सूखने पर ही चेहरे को साफ पानी से धो लिया जाए।

फेस पैक हटाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें


मुल्तानी मिट्टी धोने के बाद त्वचा को नमी की आवश्यकता होती है। ऐसे में हल्का मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा को पर्याप्त हाइड्रेशन मिलता है और रूखापन महसूस नहीं होता। मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा मुलायम बनी रहती है और उसका प्राकृतिक संतुलन भी बरकरार रहता है।

कितनी बार करना चाहिए इस्तेमाल?

मुल्तानी मिट्टी का उपयोग भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर त्वचा का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है।

ऑयली स्किन वाले लोग सप्ताह में दो बार इसका उपयोग कर सकते हैं।
ड्राई या सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को सप्ताह में केवल एक बार इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

सही मात्रा और सही तरीके से उपयोग करने पर मुल्तानी मिट्टी त्वचा को साफ, ताजगीभरा और चमकदार बनाए रखने में मदद कर सकती है। वहीं गलत इस्तेमाल त्वचा की नमी कम कर सकता है। इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपनी त्वचा की जरूरतों को समझना और उचित सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।