कुछ समय पहले तक हेल्थ और फिटनेस की दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा प्रोटीन की होती थी। जिम जाने वाले लोगों से लेकर वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों तक, हर कोई अपनी डाइट में प्रोटीन शामिल करने पर जोर देता था। बाजार में भी प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन बार, हाई-प्रोटीन स्नैक्स और कई तरह के सप्लीमेंट्स की भरमार देखने को मिली। मसल्स बनाने, वजन नियंत्रित रखने और शरीर को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन को सबसे अहम पोषक तत्वों में गिना जाता रहा है।
हालांकि अब हेल्थ इंडस्ट्री में एक नया शब्द तेजी से लोकप्रिय हो रहा है— पेप्टाइड्स। विशेषज्ञों का कहना है कि पेप्टाइड्स न केवल वजन प्रबंधन में मदद कर सकते हैं, बल्कि त्वचा की सेहत, मांसपेशियों की रिकवरी, मेटाबॉलिज्म और शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को भी बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन आखिर पेप्टाइड्स क्या होते हैं और क्या वास्तव में ये उतने ही फायदेमंद हैं, जितना इनके बारे में दावा किया जा रहा है? इस विषय को फंक्शनल मेडिसिन प्रैक्टिशनर, सर्टिफाइड ब्रीथवर्क प्रैक्टिशनर और iThrive की संस्थापक एवं सीईओ मुग्धा प्रधान ने विस्तार से समझाया है।
आखिर क्या होते हैं पेप्टाइड्स?मुग्धा प्रधान के अनुसार, पेप्टाइड्स अमीनो एसिड (Amino Acids) की छोटी-छोटी श्रृंखलाएं होती हैं। यही अमीनो एसिड आगे चलकर प्रोटीन का निर्माण करते हैं। यानी पेप्टाइड्स को प्रोटीन का छोटा रूप भी कहा जा सकता है। खास बात यह है कि हमारा शरीर भी प्राकृतिक रूप से विभिन्न प्रकार के पेप्टाइड्स का निर्माण करता है।
इनका मुख्य कार्य शरीर की कोशिकाओं के बीच संदेश पहुंचाना होता है। सरल शब्दों में कहें तो पेप्टाइड्स शरीर के अलग-अलग अंगों और कोशिकाओं को यह संकेत देते हैं कि उन्हें कब और किस प्रकार कार्य करना है। यही कारण है कि ये शरीर की कई जैविक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शरीर में पेप्टाइड्स की क्या भूमिका होती है?विशेषज्ञों का कहना है कि पेप्टाइड्स शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देते हैं। ये ऊतकों की मरम्मत और घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा शरीर की रिकवरी को बेहतर बनाना, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और कोशिकाओं की मरम्मत में सहायता करना भी इनके प्रमुख कार्यों में शामिल माना जाता है।
मुग्धा प्रधान के मुताबिक, कुछ पेप्टाइड्स भूख को नियंत्रित करने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने और व्यायाम के बाद शरीर को तेजी से रिकवर होने में भी मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि हेल्थ और फिटनेस से जुड़े विशेषज्ञ इन पर लगातार शोध कर रहे हैं।
इन दिनों पेप्टाइड्स की चर्चा इतनी ज्यादा क्यों हो रही है?हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने पेप्टाइड्स पर व्यापक स्तर पर अध्ययन शुरू किया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि भविष्य में इनका उपयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के प्रबंधन और उपचार में किया जा सकता है। विशेष रूप से GLP-1 पेप्टाइड्स को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
बताया जाता है कि GLP-1 पेप्टाइड्स भूख को कम करने और लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराने में मदद करते हैं। इसी कारण मोटापे और वजन कम करने से जुड़े उपचारों में इनका इस्तेमाल बढ़ा है। इसके अलावा वैज्ञानिक यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या पेप्टाइड्स आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकते हैं, मांसपेशियों और ऊतकों की मरम्मत तेज कर सकते हैं तथा बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। एक्सरसाइज के बाद तेजी से रिकवरी में उनकी भूमिका पर भी लगातार रिसर्च जारी है।
क्या पेप्टाइड्स किसी चमत्कारी दवा की तरह काम करते हैं?स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि पेप्टाइड्स को किसी जादुई इलाज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। केवल इन्हें लेने से सभी स्वास्थ्य समस्याएं अपने-आप दूर नहीं हो जातीं।
यदि किसी व्यक्ति का खानपान संतुलित नहीं है, पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है, तनाव का स्तर लगातार अधिक बना रहता है, आंतों का स्वास्थ्य ठीक नहीं है या मेटाबॉलिज्म प्रभावित है, तो केवल पेप्टाइड्स का सेवन करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे। अच्छी सेहत के लिए समग्र जीवनशैली अपनाना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
बेहतर स्वास्थ्य के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ रहने के लिए किसी एक सप्लीमेंट पर निर्भर रहने की बजाय संतुलित जीवनशैली अपनाना अधिक जरूरी है। इसके लिए कुछ मूलभूत आदतों पर ध्यान देना चाहिए—
संतुलित और पोषण से भरपूर आहार का सेवन करें।
रोजाना नियमित शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करें।
हर दिन लगभग 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लें।
तनाव को नियंत्रित रखने के लिए योग, मेडिटेशन या अन्य उपाय अपनाएं।
मेटाबॉलिज्म और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने पर विशेष ध्यान दें।
क्या हर व्यक्ति को पेप्टाइड्स लेना चाहिए?मुग्धा प्रधान का कहना है कि पेप्टाइड्स हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होते। अलग-अलग लोगों की स्वास्थ्य स्थिति, जरूरत और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है, इसलिए इनके उपयोग का फैसला भी उसी आधार पर किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पेप्टाइड्स या इससे जुड़े किसी भी सप्लीमेंट का सेवन केवल योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह पर ही करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय परामर्श के ऐसे उत्पादों का उपयोग करना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए इनके लाभ और जोखिम अलग-अलग हो सकते हैं।