हर कोई नए साल 2020 के स्वागत की तैयारी में लगा हुआ है लेकिन नए साल आने से पहले कुछ नियमों में बदलाव होने वाला है जिसके बारे में आपको जानना बेहद जरुरी है।
पैन-आधार लिंक
अगर आपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है तो 31 दिसंबर तक हर हाल में करा ले। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) पैन कार्ड को 'अमान्य' घोषित कर सकता है। पहले पैन-आधार लिंक करने की डेडलाइन 30 सितंबर तक थी। PAN 10 कैरेक्टर (अल्फा-न्यूमैरिक) वाली पहचान संख्या है, जो इनकम टैक्स विभाग द्वारा जारी किया जाता है। पैन के बिना अब इनकम टैक्स रिटर्न नहीं फाइल किया जा सकता है।
पैन और आधार को लिंक करने के लिए सबसे पहले इनकम टैक्स की वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाना होगा। यहां आपको आधार लिंक का विकल्प दिखाई देगा। इस लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद बॉक्स में पैन, आधार नंबर, अपना नाम और दिया हुआ कैप्चा एंटर कर दीजिए। इसके बाद लिंक आधार करना होगा। इसके साथ ही लिंकिंग का प्रोसेस पूरा हो जाएगा।
इसके साथ ही आप 567678 या 56161 पर एसएमएस भेजकर आधार को पैन से लिंक के स्टेटस की जानकारी ले सकते हैं। अगर उदाहरण से समझें तो- UIDPAN<स्पेस><12 अंक का आधार नंबर><स्पेस><10 अंक का पैन नंबर> टाइप कर एसएमएस करना होगा।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग (ITR Filing)
वित्त वर्ष 2018-19 के लिए बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न 31 मार्च 2020 तक फाइल किया जा सकता है, लेकिन 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल करने पर लेट फीस कम लगेगा। दरअसल, आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त थी। लेकिन जो लोग आईटीआर फाइल करने से चूक गए उन्हें अधिकतम 5 हजार रुपये के जुर्माने के साथ 31 दिसंबर तक मौका दिया गया। वहीं 31 दिसंबर, 2019 के बाद लेकिन 31 मार्च, 2020 से पहले रिटर्न फाइल करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। लेकिन अगर आपकी सालाना इनकम टैक्सेबल लिमिट से कम है तो लेट फाइलिंग फीस नहीं देनी होगी। वहीं जिन लोगों की कुल इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है, उन्हें 1,000 रुपये तक की लेट फीस देनी पड़ेगी।
दरअसल, मोदी सरकार ने ‘सबका विश्वास योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत बकाया टैक्स राशि वालों को आंशिक छूट देकर टैक्स विवादों का जल्द से जल्द निपटारा करना था। जिसकी डेडलाइन 31 दिसंबर को समाप्त होने वाली है। अगर आसान भाषा में समझे तो जिन लोगों के सर्विस टैक्स और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क से जुड़े टैक्स विवाद हैं उनका निपटारा इस योजना के तहत कर सकते है।
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 के आम बजट में इस योजना का ऐलान किया था। इस योजना को 1 सितंबर 2019 से लागू किया गया था। योजना के तहत स्वैच्छिक तौर पर खुलासा किये गए मामलों को छोड़कर अन्य मामलों में 40 से 70 फीसदी तक राहत उपलब्ध है। यह राहत बकाये टैक्स की राशि पर निर्भर करती है। योजना के तहत बकाये टैक्स पर ब्याज और जुर्माने के भुगतान से भी राहत उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा भुगतान करने वाले व्यक्ति पर मुकदमा भी नहीं होगा।
स्टेट बैंक मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड
अगर आप SBI के ग्राहक हैं तो और आपके पास मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले पुराने एटीएम कार्ड है तो 31 दिसंबर से पहले सुरक्षित ईएमवी चिप कार्ड में बदलवा ले वरना आपका एटीएम कार्ड बंद हो जाएगा। बता दें कि एसबीआई ने ग्राहकों को बताया है कि कार्ड रिप्लेसमेंट फ्री ऑफ कॉस्ट है और यह ऑनलाइन या आपके होम ब्रांच में उपलब्ध है। इसके अलावा ब्रांच और नेट बैंकिंग के जरिए भी आप नए एटीएम कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
NEFT ट्रांजैक्शन्स पर नहीं लगेगा चार्ज
1 जनवरी 2020 से ग्राहक को बैंकों से NEFT के जरिए किए जाने वाले लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया था। 16 दिसंबर से 24 घंटे नेफ्ट ट्रांजैक्शन सर्विस शुरू की गई थी।
GST रजिस्ट्रेशन
GST रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए आधार के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन का फैसला लिया गया है। एनुअल रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 2 महीने बढ़ाकर 30 अगस्त 2019 कर दी गई थी, जबकि नया जीएसटी रिटर्न फाइलिंग सिस्टम 1 जनवरी 2020 से लागू होगा।














