कोरोना वायरस के संक्रमण को देश में फैलने से रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लगाया हुआ है। कोरोना लॉकडाउन के चलते पूरे देश में जरूरतमंद लोगों को सरकार द्वारा मदद पहुंचाई जा रही है, लेकिन इस मदद का कुछ लोग गलत फायदा भी उठा रहे है। ऐसे ही एक मामला शुक्रवार को राजस्थान के अजमेर से सामने आया है।
अजमेर में एक व्यक्ति के खिलाफ इस सुविधा का नाजायज फायदा उठाने की बात सामने आने पर जिला प्रशासन ने अब कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान भूखे मरने की नौबत बताते हुए शख्स ने सरकारी मदद मांगी थी। अतिरिक्त जिला कलक्टर हीरालाल मीणा ने बताया कि खानपुरा के चांद मोहम्मद ने शुक्रवार को जिलास्तरीय कंट्रोल रूम पर फोन करके भोजन एवं सामग्री के लिए सहायता मांगी थी। प्रशासन ने सहायता पहुंचाने के लिए क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान चांद मोहम्मद ने फिर फोन करके कहा कि मैं भूख से मर रहा हूं, मेरे मरने के बाद सहायता पहुंचेगी क्या? इसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया और खानपुरा के रसद विभाग के अधिकारी तुरंत सूखी राशन सामग्री एवं तैयार भोजन के पैकेट लेकर गए। लेकिन इस दौरान जब सरकारी कर्मचारी उसके घर पहुंचे तो महीने भर का राशन पड़ा मिला। यहां तक की फ्रिज में चिकन भी था। इतना ही नहीं जांच में पाया गया कि चांद मोहम्मद घर में मोटरसाइकल, गैस कनेक्शन, फ्रिज, कूलर जैसी उपभोक्ता वस्तुओं भी है।
बता दे, राजस्थान में शनिवार को 18 नए मामले सामने आए हैं और इसके साथ ही राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर शनिवार सुबह 579 हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को सामने आए नये मामलों में 14 कोटा के और 4 बीकानेर के मामले हैं। राजस्थान में शुक्रवार को 99 नए संक्रमित मिले। इसमें अकेले जयपुर में 53 संक्रमित मिले। जैसलमेर में 16 (इनमें 8 ईरान से आए), बांसवाड़ा में 12, जोधपुर में 8, झालावाड़ में 3 मरीज मिले। अलवर, भरतपुर और कोटा में 1-1 केस सामने आया है।














