कोरोना वायरस महामारी के चंगुल में आज पूरी दुनिया है। इससे संक्रमित मामले रोजाना लाखों में बढ़ रहे है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में 21 दिनों यानी 14 अप्रैल तक का लॉकडाउन (Lockdown) लागू किया गया है। ये बीमारी ज्यादा ना फैले इसके लिए जरूरी है कि लोग एकजुट होकर अपने-अपने घरों में रहें। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सभी लोगों से धर्म, जाति और वर्ग को किनारे रखकर एक साझा उद्देशय के लिए एक होने का आह्वान किया है। कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, ‘कोरोना वायरस का संकट हमारे लिए एक मौका है कि हम एक हों, सभी धर्म-जाति के अंतर को भूल जाएं और एक ही लक्ष्य के लिए एक साथ आएं।’ राहुल ने कहा कि इस खतरनाक वायरस को हराने के लिए करुणा, सहानुभूति और आत्म बलिदान को केंद्र में रखना होगा। एक साथ रहकर ही हम सभी इस जंग को जीत पाएंगे।
The #Coronavirus is an opportunity for India to unite as one people, putting aside differences of religion, caste & class; to forge one common purpose: the defeat of this deadly virus. Compassion, empathy& self sacrifice are central to this idea. Together we will win this battle. pic.twitter.com/rVmJg6tan2
इससे पहले, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वायरस से जंग में सरकार का साथ देने की बात कही थी। राहुल गांधी ने कहा था कि इस इस वायरस से बचने के लिए सरकार जो कदम उठा रही, उसमें हम सहयोग दे रहे हैं। राहुल गांधी ने लॉकडाउन को लेकर कहा कि अचानक लिए गए लॉकडाउन (Lockdown) के फैसले से लोगों में घबराहट और भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। कारखाने, छोटी इंडस्ट्री और कंस्ट्रक्शन साइट बंद हो गई है।
बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के सभी धर्मों के धर्मगुरुओं से बात की थी और अपील करते हुए कहा था कि वे अपने समुदाय के लोगों और अनुयायी को लॉकडाउन का पालन करने को कहें, क्योंकि इसी के दम पर कोरोना वायरस को हराया जा सकता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने विपक्ष के नेताओं, पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व राष्ट्रपति से भी इसी मसले पर बात की।
बता दे, भारत में कोरोना वायरस के 4067 मामले सामने आ चुके है वहीं इस वायरस से 109 लोगों की जान जा चुकी है।














