नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में देशभर में जोरदार प्रदर्शन हो रहा है। वामपंथी दलों ने आज भारत बंद बुलाया है और इसका समर्थन कांग्रेस समेत कई अन्य विपक्षी दलों ने किया है। कर्नाटक (Karnataka) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने बेंगलुरु और मंगलुरु में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। वहीं दिल्ली में 18 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही लाल किला के पास धारा 144 लगा दिया गया है। इस पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। प्रियंका ने ट्वीट में कहा कि ट्रो स्टेशन बंद हैं। इंटरनेट बंद है। हर जगह #Section144 है। किसी भी जगह आवाज उठाने की इजाजत नहीं है। जिन्होंने आज टैक्सपेयर्स का पैसा खर्च करके करोड़ों का विज्ञापन लोगों को समझाने के लिए निकाला है, वही लोग आज जनता की आवाज से इतना बौखलाएं हुए हैं कि सबकी आवाजें बंद कर रहे हैं। मगर इतना जान लीजिए कि जितना आवाज दबाएंगे उतनी तेज आवाज उठेगी।
In 2003, speaking in Rajya Sabha, Dr Manmohan Singh, then Leader of Opposition, asked for a liberal approach to granting citizenship to minorities, who are facing persecution, in neighbouring countries such as Bangladesh and Pakistan. Citizenship Amendment Act does just that... pic.twitter.com/7BOJJMdkKa
— BJP (@BJP4India)
वही इस बीच कांग्रेस (Congress) को घेरने के लिए बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) के 2003 में राज्यसभा में दिए बयान का वीडियो शेयर किया है। वीडियो में मनमोहन सिंह बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर हिंसा का शिकार हुए शरणार्थियों के लिए सरकार को सहानुभूति दिखाने का सुझाव दे रहे हैं।
साल 2003 में केंद्र में जब एनडीए की सरकार थी उस वक्त राज्यसभा सदस्य मनमोहन सिंह सदन के नेता विपक्ष थे। उस वक्त सदन में उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को संबोधित करते हुए मनमोनह सिंह ने कहा था कि मैं शरणार्थियों के संकट को आपके सामने रखना चाहता हूं। बंटवारे के बाद हमारे कई पड़ोसी देशों में से एक बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर नागरिकों का उत्पीड़न किया गया। अगर ये प्रताड़ित लोग हमारे देश में शरण के लिए पहुंचते हैं तो इन्हें शरण देना हमारा नैतिक दायित्व है। इन लोगों को शरण देने के लिए हमारा व्यवहार उदारपूर्ण होना चाहिए। मैं गंभीरता से नागरिकता संशोधन विधेयक की ओर उप प्रधानमंत्री का ध्यान इस ओर दिलाना चाहता हूं।'
आपको बता दे, उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। यूपी के संभल में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बस में आग लगा दी है। इतना ही नहीं यहां गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारियों ने यहां पुलिस पर पथराव किया और नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। यहां पुलिस वालों की गाड़ियों में आग लगा दी गई। इसके अलावा पुलिस चौकी में तोड़फोड़ भी हुई है। हालांकि, जिन अन्य इलाकों में प्रदर्शन हुआ है वहां हिंसा की कोई खबर नहीं है।














