पूरे देश में बुधवार से स्वर्णिम विजय वर्ष मनाया जा रहा है। शहीदों की याद में कई कार्यक्रम हो रहे हैं। इनमें 1971 की जंग में लड़े सैनिकों और शहीदों की विधवाओं का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही बैंड डिस्प्ले, सेमिनार, प्रदर्शनी, फिल्म फेस्टिवल, कॉन्क्लेव और एडवेंचर एक्टिविटी भी होंगी।Delhi: Prime Minister Narendra Modi pays tribute at National War Memorial on the 50th-anniversary of the 1971 India-Pakistan war pic.twitter.com/uRVlsNpLqQ
— ANI (@ANI) December 16, 2020
Delhi: Defence Minister Rajnath Singh unveils the logo for 'Swarnim Vijay Varsh' to mark the 50th-anniversary of the 1971 India-Pakistan war#VijayDiwas2020 pic.twitter.com/5vIYDPP2Ud
— ANI (@ANI) December 16, 2020 1971 के भारत-पाक जंग में क्या हुआ था?
1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध का मुख्य कारण बांग्लादेश को आजाद कराना था। इस जंग में भारतीय सेना भी शामिल हुई थी। 13 दिन चली इस लड़ाई में पाक सेना को मुंह की खानी पड़ी। इस युद्ध की शुरुआत 3 दिसंबर 1971 को हुई और ये लड़ाई 16 दिसंबर 1971 तक चली। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी जनरल एएके नियाजी ने अपने 90 हजार सैनिकों के साथ भारत और मुक्ति वाहिनी के सामने ढाका में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश पाकिस्तान से अलग हो गया था।













