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लॉकडाउन क्यों बढ़ाया, जानें क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

25 मार्च को लागू हुए 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन का आज आखिरी दिन है। ऐसे में आज कोरोना संकट और लॉकडाउन के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Tue, 14 Apr 2020 10:41:32

लॉकडाउन क्यों बढ़ाया, जानें क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

25 मार्च को लागू हुए 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन का आज आखिरी दिन है। ऐसे में आज कोरोना संकट और लॉकडाउन के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश में 3 मई तक लॉकडाइन जारी किया जाएगा। अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा। जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है।

- प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि देशवासियों की तपस्या और त्याग की वजह से भारत कोरोना के नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

- प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आप सभी देशवासियों की तपस्या और त्याग की वजह से भारत अब तक कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा। आप लोगों ने कष्ट सहकर भी अपने देश और भारत वर्ष को बचाया है। मैं जानता हूं कि आपको कितनी दिक्कतें आई हैं। किसी को आने जाने की परेशानी, कोई घर-परिवार से दूर है। लेकिन आप देश की खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। मैं आप सभी को आदरपूर्वक नमन करता हूं।’’

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- प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘हमारे संविधान में जिस वी द पीपल ऑफ इंडिया की शक्ति की बात कही गई है, वह यही तो है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर हम भारत के लोगों की तरफ से अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन और संकल्प बाबा साहब को श्रद्धांजलि है। बाबा साहब का जीवन हमें हर चुनौती को अपनी संकल्प शक्ति और परिश्रम के बूते पर पार करने की निरंतर प्रेरणा देता है। मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहब को नमन करता हूं।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘साथियो! देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग त्योहारों का भी समय है। वैसे भी भारत को उत्सवों से भरा और हरा रहता है। उत्सवों के बीच खिलखिलाता रहता है। बैसाखी जैसे त्योहारों के साथ कई राज्यों में नए वर्ष की शुरुआत हुई है। लॉकडाउन के बंधनों के बीच देश के लोग जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं, जितने संयम से अपने घरों में रहकर त्योहार बड़ी सादगी से मना रहे हैं, ये सारी बहुत प्रेरक और प्रशंसनीय हैं। मैं नए वर्ष पर आपके और आपके परिवारजन के उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना करता हूं।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘साथियो! आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, हम सब उससे भली-भांति परिचित हैं। अन्य देशों के मुकाबले भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए हैं, आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी। जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। कोरोना के मरीज 100 तक पहुंचे, उससे पहले ही भारत ने विदेश से आए हर यात्री के लिए 14 दिन का आइसोलेशन अनिवार्य कर दिया था। मॉल, थिएटर, क्लब, जिम बंद किए जा चुके थे।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘साथियो! जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बहुत बड़ा कदम उठाया। भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही समस्या दिखी, उसे तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का भरसक प्रयास किया। ये ऐसा संकट है, जिसमें किसी भी देश के साथ तुलना करना उचित नहीं है। फिर भी हम कुछ सच्चाइयों को नकार नहीं सकते। ये भी सच्चाई है कि दुनिया के बड़े-बड़े सामर्थ्यवान देशों में कोरोना के आंकड़े देखें तो उनकी तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्थिति में है।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘महीना-डेढ़ महीना पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में भारत के बराबर खड़े थे, आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के मामले 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं। उन देशों में हजारों लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है। भारत ने पुलिसिंग अप्रोच न अपनाई होती, इंटिग्रेटेड अप्रोच न अपनाई होती, समय पर तेज फैसले नहीं लिए होते तो आज भारत की स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना करते ही रोए खड़े हो जाते हैं। लेकिन बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है कि हमने जा रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का बहुत बड़ा लाभ देश को मिला है। अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो यह महंगा जरूर लगता है, बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है, लेकिन भारतवासियों की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती। सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनियाभर में होना बहुत स्वाभाविक है। देश की राज्य सरकारों, स्थानीय स्वराज संस्थाओं की इकाइयों ने भी इसमें बहुत जिम्मेदारी के साथ काम किया है।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘चौबीसों घंटे हर किसी ने जिम्मा संभालने का प्रयास किया है। लेकिन साथियों, इन सब प्रयासों के बीच कोरोना जिस तरह फैल रहा है, उसने विश्वभर में हेल्थ एक्सपर्ट्स और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में भी कारोना को लेकर लड़ाई आगे कैसे बढ़े, हम विजयी कैसे हो, हमारे यहां नुकसान कम से कम कैसे हो, लोगों की दिक्कतें कम कैसे करें, इन बातों को लेकर निरंतर चर्चा की है। इन सभी चर्चाओं में से एक बात उभरकर आती है, हर किसी का यही सुझाव आता है, नागरिकों की तरफ से भी यह सुझाव आता है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘कई राज्य तो पहले से ही लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है कि लॉकडाउन को अब 3 मई तक बढ़ाना पड़ेगा। यानी 3 मई तक हम सभी को, देशवासियों को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम करते आ रहे हैं। मेरी सभी देशवासियों से यह प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अगर एक भी मरीज बढ़ता है तो यह हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘कहीं भी कोरोना से एक भी मरीज की दुखद मृत्यु होती है तो हमारी चिंता और बढ़नी चाहिए। इसलिए हमें हॉटस्पॉट्स को इंगित करते पहले से भी ज्यादा, बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी ही होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है, वहां कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्पॉट का बनना हमारे परिश्रम को और चुनौती देगा। इसलिए अगले एक हफ्ते सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को बड़ी बारीकी से परखा जाएगा। वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, इसका मूल्यांकन लगातार किया जाएगा।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि ‘‘जो क्षेत्र इस अग्नि परीक्षा में सफल होंगे, जो अपने यहां हॉटस्पॉट नहीं बढ़ने देंगे और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति, छूट दी जा सकती है। लेकिन याद रखिए, ये अनुमति सशर्त होगी। बाहर निकलने के नियम बहुत सख्त होंगे। लॉकडाउन के नियम अगर टूटते हैं और कोरोना का पैर हमारे इलाके में पड़ता है तो सारी अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी।’’

सात बातों पर रखें ध्यान: PM मोदी


- बुजुर्गों का ध्यान रखें, लॉकडाउन का पालन करें
- घर से बने मास्क का प्रयोग करें
- इम्युनिटी बढ़ाने के निर्देशों का पालन करें
- आरोग्य सेतु डाउनलोड करें
- गरीबों की देखरेख करें
- नौकरी से न निकालें
- कोरोना योद्धाओं का आदर करें


आपको बता दे, अब तक आठ राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर चुके हैं। इसमें महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी ने भी लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया। हालांकि, मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने 'जान भी और जहान भी' का नारा दिया था।

आपको बता दे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज संबोधन से ठीक तीन घंटे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के नाम अपना एक वीडियो संदेश दिया। सोनिया गांधी ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों आप सभी को नमस्कार, मुझे उम्मीद है कि इस कोरोना महामारी संकट के दौरान आप सब अपने-अपने घरों में सुरक्षित होंगे। सबसे पहले मैं इस संकट के समय में भी शांति, धैर्य और संयम बनाए रखने के लिए सभी देशवासियों को दिल से धन्यवाद करती हूं।'

सोनिया गांधी ने अपन वीडियो संदेश में कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों आप सभी को नमस्कार, मुझे उम्मीद है कि इस कोरोना महामारी संकट के दौरान आप सब अपने-अपने घरों में सुरक्षित होंगे। सबसे पहले मैं इस संकट के समय में भी शांति, धैर्य और संयम बनाए रखने के लिए सभी देशवासियों को दिल से धन्यवाद करती हूं।'

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