
मेक्सिको से फाइजर की कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट का मामला सामने आया है। यहां, एक महिला डॉक्टर को वैक्सीन के बाद स्किन इन्फेक्शन और फिर लकवा मार गया है। ब्रिटेन में भी दो हेल्थ वर्कर्स को इसी तरह फाइजर की वैक्सीन लेने के बाद शरीर पर लाल-लाल निशान हो गए थे जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उधर पुर्तगाल में एक हेल्थ वर्कर की फाइजर वैक्सीन लेने के 48 घंटे के भीतर अचानक मौत हो गयी थी।
मिली जानकारी के मुताबिक मेक्सिको में कोविड-19 वैक्सीन लगने के आधे घंटे के बाद महिला डॉक्टर को शरीर में लाल निशान पड़ने लगे, फिर ऐंठन और कमजोरी महसूस हुई। महिला को सांस लेने में भी बेहद परेशानी हो रही थी जिसके बाद उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि डॉक्टर कार्ला के दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड में सूजन का इलाज किया गया है। वैक्सीन लगने से पहले डॉक्टर कार्ला को एक एंटीबायोटिक से एलर्जी थी और इसी कारण उन्हें गंभीर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ा है।
बीमार महिला डॉक्टर के परिवार वालों ने वैक्सीन के गंभीर दुष्प्रभाव को लेकर अतिरिक्त जांच कराने का आग्रह किया है। इसके बाद से मेक्सिको के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन को लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 'हम इस बात पर जोर नहीं दे रहे हैं कि डॉक्टर कार्ला को वैक्सीन के चलते लकवा की शिकायत आई है। हालांकि, इस मामले की जांच करना जरूरी है कि क्या इसका संबंध वैक्सीन से है या नहीं। सही कारण का पता लगाने के लिए शोध की जरूरत है।'














