लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रचार अभियान की गहमागहमी के बीच कांग्रेस आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की शिकायत को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कांग्रेस की ओर से सोमवार को दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा।
असम के सिलचर से कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने दोनों नेताओं पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोप लगाये और इस मामले में चुनाव आयोग की तरफ से जानबूझकर कार्रवाई नहीं करने की बात कही। आयोग को दोनों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया जाए।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ से गुहार लगाई कि चुनाव आयोग को दोनों के खिलाफ की गई शिकायतों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का आदेश दिया जाए। इस पर पीठ ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को ही की जाएगी। कांग्रेस नेता तत्काल सुनवाई की मांग कर रहे थे, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
#Congress MP @sushmitadevmp has moved the #SupremeCourt against alleged inaction by the Election Commission on complaints against
देव की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है और निर्वाचन आयोग उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
उनका आरोप है कि पीएम मोदी ने मतदान के दिन 23 अप्रैल को गुजरात में रैली और रोड शो किया। यह आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले 9 अप्रैल को भी पीएम ने एक जनसभा में पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएम जवानों के नाम पर वोट मांगे। यही नहीं, पीएम मोदी और अमित शाह नफरत भरे भाषण भी दे रहे हैं। कांग्रेस ने शनिवार को ही कहा था कि अगर चुनाव आयोग मोदी-शाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा तो पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' अब 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' में तब्दील हो चुका है।














