महाराष्ट्र में शनिवार को पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5 हजार 318 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं, जबकि पिछले 24 घंटे में 167 लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया। महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की संख्या अब 1 लाख 59 हजार 133 हो गई है। इनमें से अब तक 7 हजार 273 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में कुल मरीजों में से 84 हजार 245 लोग अब तक कोरोना से जंग जीतकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, वहीं अभी एक्टिव मरीज 67 हजार 600 हैं।
कावासाकी बीमारी के लक्षण
मुंबई में शनिवार को पिछले 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 2 हजार 77 मामले सामने आए, वहीं पिछले 24 घंटे में 65 और लोगों की मौत हो गई। इन मौतों में 40 मरीज ज्यादा उम्र के थे। मुंबई में कोरोना के साथ-साथ एक और बीमारी के लक्षण लोगों में दिखाई दे रहे है। मुंबई में कोरोना संक्रमित युवाओं में कावासाकी बीमारी के लक्षण मिल रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर पहली रिपोर्ट पश्चिमी मुंबई से आई है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से भारत के कोरोना संक्रमितों में कावासाकी बीमारी के लक्षण पहली बार दिखे हैं। मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती 14 वर्षीय किशोरी में तेज बुखार और शरीर पर चकत्ते जैसे निशान उभर आए। डॉक्टरों के मुताबिक ये लक्षण कावासाकी बीमारी से मिलते-जुलते हैं। ये लक्षण उभरने के बाद किशोरी की तबीयत बिगड़ती चली गई। बाद में उसे आईसीयू वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। डॉक्टर उस किशोरी को इस वक्त कई दवाओं के मिश्रण के साथ टोसिलजैमैब दवा दे रहे हैं। किशोरी को कोरोना का संक्रमण उसके पिता से हुआ था।
अमेरिका सहित इन देशों में मिले कावासाकी के लक्षण
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमितों में कावासाकी के लक्षण मिलते रहे हैं। इससे पहले अप्रैल महीने में अमेरिका, स्पेन, इटली और चीन में कम उम्र के संक्रमितों में ऐसे लक्षण उभर कर आए थे। एक अमेरिकी स्टडी के मुताबिक अमेरिका में तकरीबन 58 कोरोना संक्रमितों में कावासाकी के लक्षण दिखाई दिए थे। कावासाकी बीमारी सामान्य तौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को ही ज्यादा होती है। गौरतलब है कि ब्रिटेन के डॉक्टर भी अप्रैल-मई महीने में इसी तरह के मामले आने की वजह से चिंतित हो गए थे। देश की नेशनल हेल्थ सर्विस ने अपने अलर्ट में कहा था-इस बीमारी में बुखार भी आता है। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ होती है। लगभग ऐसे ही लक्षण कोरोना के हैं। वहीं, बच्चों में स्किन पर चकत्ते दिखना, हाथों में सूजन होना, आंखों में लालिमा दिखना और गले में सूजन होना जैसे लक्षण दिख रहे हैं।'
महाराष्ट्र में आए अब तक कुल कोरोना मामलों में 11 से 20 उम्र के 9 हजार 371 मरीज आए हैं जबकि 10 साल से कम उम्र के 5 हजार 103 केस सामने आए हैं। बच्चों में होने वाली संक्रामक बीमारियों की एक्सपर्ट तनु सिंघल के मुताबिक-'कावासाकी जैसे लक्षण वाले युवाओं की तबीयत ज्यादा तेजी के साथ खराब हो सकती है। उस किशोरी को हमारे पास पहले भर्ती कराया जाना चाहिए था जिससे हम उसकी हालत पर ज्यादा काम कर पाते। हालांकि ये कावासाकी बीमारी नहीं है, बल्कि उसके जैसे लक्षण हैं।'














