बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद पूरे देश में हंड़कंप मच गया है। लखनऊ के आइसोलेशन वार्ड में उनके पूरे परिवार को भर्ती किया गया है। आरोप है कि 9 मार्च को लंदन से भारत लौटी कनिका कपूर एयरपोर्ट अधिकारियों को चकमा देकर बाहर निकल गई थीं। उनका कहना है कि स्क्रीनिंग हुई थी लेकिन आइसोलेशन में रहने की सलाह नहीं दी गई थी। बुरी खबर ये है कि कनिका इस दौरान यूपी के मंत्री से लेकर सांसद तक से मिलीं। अब देश की संसद के दरवाजे पर कोरोना का डर फैल चुका है। दरअसल, 18 मार्च को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सांसदों को ब्रेकफास्ट पर बुलाया था। इसमें कुल 96 सांसदों ने हिस्सा लिया था। झालवाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह भी इस पार्टी में पहुंचे थे और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में हुई इस पार्टी में सभी सांसदों के साथ मेलमिलाप में शामिल रहे। इससे ठीक दो दिन पहले ही 16 मार्च को दुष्यंत सिंह लखनऊ में कनिका कपूर की पार्टी में शामिल होकर लौटे थे।
आइसोलेशन में जाने को तैयार नहीं बैंक मैनेजर
वहीं लखनऊ के लाटूस रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ब्रांच के हेड मनोज कुमार भी कनिका कपूर से मिलने के लिए उनके घर गए थे। मनोज कुमार करीब आधे घंटे तक कनिका के घर रहे। अब कनिका के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद बैंक के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारी दहशत में हैं। बैंक कर्मचारियों के कहने के बावजूद बैंक मैनेजर आइसोलेशन में नहीं जा रहे हैं। कर्मचारियों में संक्रमण फैलने का डर है।
कनिका कपूर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बता दे, कोरोना पर बेपरवाही बरतने वाली बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में खुलासा हुआ है कि कनिका कपूर को अपने कोरोना पीड़ित होने की जानकारी थी। वहीं लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने बताया कि कनिका कपूर के खिलाफ सीएमओ से आई रिपोर्ट में उनके आने की तारीख 14 मार्च लिखी है, जबकि वह 11 मार्च को आई थीं। जांच के दौरान पुलिस इस चीज को सही कर देगी।














