महाराष्ट्र में सत्ता से बाहर होने के बाद अब झारखंड चुनाव परिणाम में बीजेपी को करारा झटका लगता दिख रहा है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन बहुमत के करीब पहुंच गया है, जबकि भाजपा बहुमत से काफी पीछे नजर आ रही है। JMM गठबंधन को 41 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि इस बार अकेले चुनावी समर में उतरी बीजेपी महज 29 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। आजसू को 4 और झारखंड विकास मोर्चा को भी 4 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है। 2014 में 37 सीटें जीतकर आजसू के साथ सरकार बनाने वाली बीजेपी इस बार अकेले ही चुनाव में उतरी थी। हालांकि बीजेपी ने 34 पर्सेंट वोट प्रतिशत के साथ सूबे में सबसे ज्यादा मत हासिल किए हैं, लेकिन गठबंधन के तौर पर झामुमो और कांग्रेस ने सत्ता की बाजी हथिया ली। कांग्रेस-जेएमएम-राजद गठबंधन को बहुमत मिलने के स्पष्ट संकेत के बाद दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की। पार्टी मुख्यालय के बाहर आतिशबाजी के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।
रुझानों से साफ है कि अब कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन को बहुमत मिल रहा है और जेएमएम के हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बन सकते हैं। रुझानों के मुताबिक भाजपा ने सत्ता गंवा दी है और उसे 10 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है।
हालांकि चुनाव नतीजों के रुझानों पर झारखंड के सीएम रघुवर दास ने कहा कि अभी नतीजे स्पष्ट नहीं है लेकिन जश्न तो कोई भी मना सकता है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव जीत रहे हैं और भाजपा के नेतृत्व में सरकार बननी तय है। उन्होंने कहा, 'कई सीटों पर हम 1,000 से 2,000 के मार्जिन से पीछे चल रहे हैं। ऐसे में रुझानों पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।'
सीएम ने कहा कि जश्न कोई भी मना सकता है। रिजल्ट आने पर ही समीक्षा कर सकते हैं। अभी तीसरा राउंड ही चल रहा है, इसलिए मैं इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। हम जीत रहे हैं और सरकार भी भाजपा के नेतृत्व में बनाएंगे। हालांकि बीजेपी की उम्मीद के मुताबिक नतीजे न आने को लेकर रघुबर दास ने कहा कि कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा का वोट एक साथ जाने से बीजेपी पर असर पड़ सकता है। ऐंटी-बीजेपी वोट एक साथ जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी विरोधी वोट में बंटवारा न होने के चलते ऐसा हो सकता है।
आपको बता दे, ताजा रुझानों के मुताबिक कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन बहुमत से एक सीट पीछे हैं। झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में बहुमत के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को 41 सीट लाना जरूरी है। कांग्रेस-जेएमएम और राजद गठबंधन फिलहाल 40 सीटों पर आगे हैं जबकि भाजपा के उम्मीदवार 32 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।














