
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली (Indian Institute of Technology, IIT Delhi) की ओर से जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम जेईई एडवांस 2020 (Joint Entrance Examination, JEE Advanced 2020) का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। राजस्थान के कोटा ने एक बार फिर इस रिजल्ट में अपनी जगह बनाई है। कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहे वैभव राज ने तीसरी रैंक हासिल की है। वहीं, उनके साथ ही पढ़ाई करने वाले मुनींद्र ने चौथी रैंक हासिल की है। दोनों कोटा में रहकर ही पढ़ाई कर रहे थे। इसके साथ 12वीं और 17वीं रैंक भी कोटा के स्टूडेंट्स ने ही हासिल की है। बता दे, इस बार परीक्षा में पूरे देश से कुल 43204 छात्रों ने क्वालीफाई किया है। आईआईटी बॉम्बे जोन के चिराग फालोर ने AIR-1 हासिल की है। चिराग के 396 में से 352 मार्क्स आए हैं। वहीं AIR- 17 हासिल करने वाली आईआईटी रुड़की जोन की कनिष्का मित्तल गर्ल टॉपर रही हैं। कनिष्का का स्कोर 315 है।
वैभव राज ने 10वीं कक्षा 98% एवं 12वीं कक्षा 99% अंकों से पास की
जेईई एडवांस में ऑल इंडिया 3 रैंक प्राप्त करने वाले बेगुसराय बिहार के वैभव राज ने बताया कि एडवांस की काफी अच्छी तैयारी थी इसलिए मैं सफलता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त था। 2018 में आईआईटी में प्रवेश का सपना लेकर कोटा आया और एलन में एडमिशन लिया। मां के साथ यहां रहा, उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया। 10वीं कक्षा 98% एवं 12वीं कक्षा 99% अंकों से पास की है। एनटीएसई स्कॉलर हूं और जेईई मेन्स में ऑल इंडिया 45वीं रैंक थी। इसके अलावा फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ एवं एस्ट्रोनोमी ओलंपियाड में कैम्प के लिए चयनित हो चुका हूं।
कोटा आने के बाद मुझमें काफी बदलाव आए
वैभव राज ने बताया कि पिता सुनील कुमार रॉय रक्षा मंत्रालय में गुणता आश्वासन महानिदेशालय (डायरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस) में सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर हैं। मां सुधा रॉय गृहिणी हैं तथा बड़ा भाई विशाल राज आईआईटी खड़गपुर में पढ़ रहा है। कोटा आने के बाद मुझमें काफी बदलाव आए जोकि मेरे लिए अच्छे साबित हुए। सबसे मुख्य तो आत्मविश्वास मजबूत हुआ। कोटा आने से पहले मुझे केमेस्ट्री से डर लगता था लेकिन अब वहीं मेरा फेवरेट सब्जेक्ट है। मैंने स्ट्रेटेजी बनाकर जेईई की तैयारी की थी। सारे चैप्टर की लिस्ट बनाकर इम्पॉर्टेंट टॉपिक्स को बाहर निकाला, फिर शेड्यूल बनाकर समझा।
लॉकडाउन से हुआ फायदा
लॉकडाउन से यह फायदा हुआ कि एक बार फिर से सिलेबस को रिवीजन करने का मौका मिल गया। दूसरे चरण के लॉकडाउन और परीक्षा लगातार आगे खिसकने से थोड़ा परेशान हुआ लेकिन एलन की फैकल्टीज ने मोटिवेट किया। मैंने एक बार फिर लॉकडाउन में एक-एक टॉपिक का गहराई से रिवीजन किया। आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करने के बाद खुद का स्टार्ट अप खोलने का सपना है।














