देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत में सर्द और हड्डियों को जमा देने वाली हवा की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिसके वजह से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ठंड ने दिल्ली में नया रिकार्ड बनाया है। वर्ष 1997 के बाद यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय राजधानी में लगातार 11वां दिन बेहद सर्द रहा। स्काईमेट वेदर के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर दिसंबर की शुरुआत से ही भीषण ठंड की चपेट में है। भीषण ठंड के मद्देनजर मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत 6 राज्यों में रेड वॉर्निंग जारी की है। इन राज्यों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार शामिल हैं। मौसम विभाग ने मौसम के अत्यंत खराब होने का पूर्वानुमान जताया गया है। दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश के लिए येलो वॉर्निंग जारी की गई है। दिल्ली के सफदरजंग में रविवार सुबह 7 बजे का तापमान 3.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 13 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने भले ही 1997 के बाद से 22 साल पुराना अपना रिकॉर्ड तोड़ा है, लेकिन पिछले 100 वर्षो में ऐसा केवल चार बार ही हुआ है, जब इस माह में औसत तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया हो। स्काईमेट वेदर के अनुसार, 1901 से 2018 तक केवल 4 बार 1919, 1929, 1961 और 1997 में दिसंबर माह में औसत अधिकतम तापमान 20 डिग्री से कम रहा। 26 दिसंबर, 2019 तक औसत अधिकतम तापमान (एमएमटी) 19.85 डिग्री सेल्सियस रहा और अनुमानित अधिकतम तापमान दिसंबर के लिए 19.15 है। मौसम विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में शनिवार को तापमान दो डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। लोधी रोड में यह 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शनिवार सुबह दिल्ली के लोधी रोड इलाके सुबह 8:30 बजे तापमान अभी तक का सबसे कम 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार को सफदरजंग एन्क्लेव में 2.4, पालम में 3.1 और आया नगर 1.9 डिग्री तापमान था।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 दिसंबर के बाद से ही स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे बारिश होने की संभावना है। फिलहाल अगले 48 घंटों तक कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।














