येस बैंक (Yes Bank) इन दिनों चर्चा में बना हुआ है जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) की ओर से सीमा तय कर दी गई है। आरबीआई ने 30 दिनों के लिए YES बैंक बोर्ड को निलंबित कर दिया है और एक प्रशासक नियुक्त किया है। खाताधारकों को एक महीने में मात्र 50,000 रुपये निकालने की अनुमति है। ऐसे में बैंक के ग्राहक चिंता में पड़ गए हैं और उन्हें बैंक में जमा अपनी पूंजी की फिक्र सता रही है। हालांकि रिजर्व बैंक और साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से ऐसा आश्वासन दिया गया है कि बैंक में जमा ग्राहकों की राशि पूरी तरह से सुरक्षित है।
ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई बैंक डिफॉल्ट कर जाए या फिर दिवालिया घोषित हो जाए तो बैंक के डूबने पर पूरी रकम सुरक्षित रहेगी या नहीं। बैंक में जमा कितना पैसा सुरक्षित माना जा सकता है?
तो ऐसे में हम आपको बता दें कि बैंक में ग्राहकों की पूरी जमा राशि सुरक्षित नहीं होती है। बैंक में जमा राशि के सुरक्षित होने की एक सीमा होती है और उस राशि के आगे जमा पूंजी की कोई गारंटी नहीं है। बैंक के डूबने पर ग्राहकों का 5 लाख रुपए तक का जमा सुरक्षित और बीमित है। यानी 5 लाख रुपए तक जमा राशि गारंटी के साथ आपको मिल जाएगी और इसके डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी (DICGC) बीमा उपलब्ध कराती है।
2020 के बजट में बढ़ी सीमा
आपको बता दें कि साल 2020 से पहले बैंक में जमा राशि में सिर्फ 1 लाख रुपए तक ही बीमित और गारंटी के साथ सुरक्षित होते थे लेकिन मोदी सरकार की ओर से साल 2020 में लाए गए बजट में इस सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक कर दिया गया है। यह जमाकर्ता भावना को बढ़ावा देने के लिए एक आवश्यक कदम था। 1 लाख रुपए की सीमा मई 1993 में निर्धारित की गई थी।
लंदन भागने की कोशिश में यस बैंक के राणा की बेटी
आपको बता दे, येस बैंक के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ राणा कपूर की बेटी रोशनी कपूर को रविवार को मुंबई एयरपोर्ट पर देश छोड़ने से रोक दिया गया। वह ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से लंदन जा रही थीं। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राणा कपूर और उनके परिवार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था, जिसमें उनकी पत्नी बिंदू कपूर, बेटियां राखी कपूर टंडन, राधा कपूर और रोशनी कपूर शामिल थे। राणा कपूर और उनके परिवार के खिलाफ ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है।
इधर ईडी के बाद सीबीआई ने भी राणा कपूर के खिलाफ जांच अभियान शुरू कर दिया है। उनके खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी का मामला दर्ज किया गया है। CBI अधिकारी इस मामले में दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं। सूत्रों ने रविवार को बताया कि अधिकारियों ने इस बारे में किसी टिप्पणी से इनकार किया है, क्योंकि जांच एजेंसी किसी भी छापेमारी से पहले पूरी गोपनीयता बरतना चाहती है।














