दिल्ली में पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 2 हजार 224 नए मरीज सामने आए हैं और 56 लोगों की मौत हो गई है। राजधानी में कोरोना के कुल मामले की संख्या 41 हजार 182 पहुंच गई है, जबकि अब तक 1 हजार 327 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में दिल्ली में हालातों पर काबू पाना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार सबसे सुझाव लेना चाहती है। ऐसे में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस मीटिंग में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), बीजेपी, कांग्रेस और बसपा के प्रदेशस्तरीय नेता मौजूद रहे। शाह ने सभी दलों के नेताओं को दिल्ली में कोरोना को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी। सूत्रों का कहना है कि बैठक में कोरोना से निपटने के लिए कांग्रेस ने कई अहम सुझाव दिया है।
कांग्रेस ने कहा कि टेस्टिंग करना सबका अधिकार है, इसलिए सभी लोगों की टेस्टिंग होनी चाहिए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पार्टी चाहती है कि हेल्थकेयर स्टाफ की कमी के चलते फोर्थ ईयर में पढ़ने वाले मेडिकल स्टूडेंट्स को नॉन-परमानेंट रेजिडेंट डॉक्टर्स की तरह इस्तेमाल किया जाए। हेल्थ स्टाफ के लिए बैचलर ऑफ फार्मेसी या नर्सिंग के फोर्थ ईयर स्टूडेंट्स काम आ सकते हैं। कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि कोविड-19 मरीज के परिवार को 10,000 रुपये की मदद दी जाए।
गृह मंत्री अमित शाह से कांग्रेस ने कहा कि कोरोना मरीजों के लिए रेलवे के एयरकंडीशन कोच के अलावा स्टेडियम, प्रदर्शनी स्थलों, यूनिवर्सिटी के हॉस्टल का इस्तेमाल क्वारनटीन सेंटर और आइसोलेशन सेंटर के रूप में किया जाना चाहिए। बता दे, इस बैठक में बैठक में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, आम आदमी पार्टी की तरफ से संजय सिंह, कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी मौजूद हैं। इसके साथ ही बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी, और दिल्ली सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हेल्थ भी शामिल हैं।














