
एक पिता के लिए अपने बच्चों का ख्याल रखना बहुत मायने रखता हैं. पिता अपने बच्चों के लिए जींदगी में खूब मेहनत करता हैं। लेकिन पिता की संवेदनाओं के मौत का एक अनोखा मामला सामने आया राजस्थान के चिरवारी गांव में जहां एक व्यक्ति साेमवार शाम करीब 7 बजे अपनी चार बेटियाें काे अलवर शहर के अंबेडकर नगर में सुनसान जगह पर छाेड़ गया। चाइल्ड लाइन की टीम ने चाराें बहनाें काे बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष के समक्ष पेश किया, वहां से उन्हें ट्रांसपाेर्ट नगर स्थित राजकीय अंबेडकर छात्रावास में भेज दिया गया। चाइल्ड लाइन समन्वयक मुकेश पाेसवाल ने बताया कि साहुन खान नाम के व्यक्ति ने चाइल्ड लाइन को सूचना दी कि अंबेडकर नगर में चार लावारिस लड़कियां खड़ी हैं।
इसके बाद अरावली विहार थाना पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम माैके पर पहुंची। पुलिस ने चाराें बालिकाओं काे कागजी कार्यवाही के बाद चाइल्ड लाइन टीम काे साैंप दिया। इसके बाद इन्हें चाइल्ड लाइन कार्यालय लेकर आए। इनमें से एक लड़की ने अपना नाम तराना, उम्र 6 साल और घर का पता चिरवारी गांव बताया। उसने बताया कि उसके साथ तीनाें बहन हैं, इनमें अलफिजा की उम्र 4 साल, अफराना की उम्र एक साल व अलसिफा की उम्र 6 माह है।
पिता जमशेद ई-रिक्शा में बैठाकर पांच भाई-बहनाें काे यहां लेकर आया था और खाने को बिस्कुट देकर चला गया। पिता यह कहकर गया कि कल सुबह आकर तुम्हें ले जाऊंगा, यहीं मिलना। छाेटी बेटियाें से कहा कि यहीं बैठी रहना, मैं अभी आ रहा हूं। तराना ने बताया कि हमारे साथ आए भाई काे पिता अपने साथ ले गया, वह हम सब भाई-बहनाें में सबसे छाेटा है।














