न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

फैक्ट्रियों से वसूली, नाम लेने भर से बसों में नहीं लिया जाता किराया ...कुछ ऐसा था विकास दुबे का खौफ

कानपुर में 8 पुलिसकर्मयों की हत्या के आरोपी विकास दुबे का नाम आज हर किसी की जुबान पर है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Mon, 06 Jul 2020 3:02:07

फैक्ट्रियों से वसूली, नाम लेने भर से बसों में नहीं लिया जाता किराया ...कुछ ऐसा था विकास दुबे का खौफ

कानपुर में 8 पुलिसकर्मयों की हत्या के आरोपी विकास दुबे का नाम आज हर किसी की जुबान पर है। बीते 30 वर्षों से ज्यादा समय से कानपुर और पास के जिलों में विकास दुबे का खौफ है और आए दिन रसूखदार लोगों की हत्या के पीछे विकास दुबे का ही नाम आता है। विकास दुबे कई बार जेल गया, लेकिन उसका खौफ इतना है कि कोई सबूत मजबूती से खड़ा ही नहीं हो पाया। न प्रशासन के लोग, न जनता और न ही किसी और ने डर के मारे विकास दुबे के बारे में कुछ बोला। विकास दुबे की सबसे खास बात ये है कि वह मायावती की बसपा सरकार के समय फला-फूला और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हुए खूब पैसे भी बनाए। इसके बाद जब समाजवादी पार्टी की सरकार आई, तो उसमें भी वह किसी न किसी सत्ताधारी नेता के संपर्क में रहकर खुद को बचाता रहा।

3 दशक पहले पिता के अपमान का बदला लेने के लिए लोगों की पिटाई करने से लेकर बुलेट गैंग बनाकर घूमने वाले लड़के के पीछे आज पूरे प्रदेश की पुलिस और एसटीएफ हाथ धोकर पीछे पड़ी है। लेकिन बिकरू गांव और आसपास के लोगों के लिए यह नया नाम नहीं है। उसका खौफ ऐसा था कि एक समय बिना विकास की इजाजत के कोई पानी भी नहीं पी सकता था। फैक्ट्रियां उसे चंदा पहुंचाती थीं और नाम लेने भर से बसों में किराया नहीं लिया जाता था।

vikas dubey latest news,vikas dubey kanpur kand,vikas dubey history in hindi,vikas dubey,up police,yogi adityanath,uttar pradesh news,kanpur news

विकास खुद ही पुलिस और अदालत था विकास

लोगों का कहना है कि विकास खुद आसपास के 8-10 गांवों में पुलिस और अदालत था। चौबेपुर थाने की पुलिस को वह जेब में रखकर घूमता था। किसी भी केस में पुलिस गांव नहीं आई। मामूली सी बात पर ही वह बच्चों से लेकर बुजुर्गों को बेरहमी से पीटता था। हाथ-पैर तोड़ना उसके लिए मामूली बात थी। जमीन की खरीद-फरोख्त हो, अवैध कब्जा हो या छिनैती समेत पैसे के लिए किसी का मर्डर करना, हर काम वह आसानी से करता गया और सबूत के अभाव में बचता गया। लोग डर के मारे उसके खिलाफ बयान ही नहीं देते। उसके डर का आलम ऐसा है कि लोग अपने छोटे-बड़े झगड़े को सुलझाने के लिए पुलिस की बजाय विकास दुबे के पास जाना चाहते हैं। ऐसे में पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रह जाती है।

उसके कहर से लोग सदमे में चले गए

गांव वाले बताते हैं कि 1992 में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। विकास ने यहां खूब कहर बरपाया था। कई लोग अपनी याददाश्त खो बैठे। कई सदमे में चल बसे। कुछ ऐसे बुजुर्ग अब भी गांव में मौजूद हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते उसका बाल भी बांका नहीं हुआ।

vikas dubey latest news,vikas dubey kanpur kand,vikas dubey history in hindi,vikas dubey,up police,yogi adityanath,uttar pradesh news,kanpur news

असलहे लेकर चलने वाले बुलेट गैंग का मुखिया, दूसरे गांव में लोगों को घुसकर मारा

90 के दशक के शुरुआती दिनों में स्थानीय नेताओं का संरक्षण पाकर विकास ने बुलेट गैंग बनाई। बुलेट बाइक पर खुलेआम असलहा लेकर चलने वाले नौजवानों ने छोटे-मोटे अपराध कर चौबेपुर, शिवली और बिल्हौर में पैर पसारे। प्रयोग कामयाब रहा और विकास सबका मुखिया बन गया। विकास शुरू से ही क्रूर था। 1990 में विकास ने अपने पिता के अपमान का बदला लेने के लिए पास के ही डिब्बा नवादा गांव में घुसकर लोगों की पिटाई की थी। इसके बाद वह जरायम की दुनिया में कदम बढ़ाता गया और अब 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद पूरे प्रदेश की पुलिस उसकी तलाश में लगी है।

ट्रकों से माल लूटना बाएं हाथ का खेल, नाम लेने भर से बसों में नहीं लगता था किराया

विकास के लिए माल लदे ट्रकों में लूट करवाने जैसे काम बेहद आसान चीज हो गई थी। नेताओं के संरक्षण में लूट का माल मसलन आलू और तेल के टिन बिकरू गांव में बंटते थे। यही वजह थी कि आज तक बिकरू गांव का कोई भी व्यक्ति विकास का विरोधी नहीं हुआ। वे विकास के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार रहते थे। इतना ही नहीं क्षेत्र में चलने वाली प्राइवेट बसों में विकास का नाम बताने पर कोई किराया नहीं लगता था। कई बस स्टैंड उसके गुर्गे चलाते हैं। एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि विकास गांव के भोले-भाले युवकों के नाम पर असलहों के लाइसेंस लिए थे। पुलिस ने कभी तफ्तीश नहीं की। उस पर पीएम आवास योजना में भी कई लोगों के नाम पर घर रजिस्टर्ड कराने का आरोप है।

vikas dubey latest news,vikas dubey kanpur kand,vikas dubey history in hindi,vikas dubey,up police,yogi adityanath,uttar pradesh news,kanpur news

फैक्ट्रियों से वसूली करता था, कुएं से पानी भरने में लेनी होती थी इजाजत

विकास दुबे का खौफ ऐसा था कि आसपास की लगभग 400 फैक्ट्रियां उसको चढ़ावा भेजा करती थी। नामी फैक्ट्रियों से उसे सालाना चंदा मिलता था। विकास की कमाई का दूसरा बड़ा जरिया विवादास्पद संपत्ति को खरीदना था। क्षेत्र में किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री पर विकास को टैक्स देना जरूरी था। वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार कई साल पहले गांव में पानी के लिए नल नहीं लगे थे। पानी की समस्या होने पर लोग विकास के घर के पास बने कुएं से पानी भरने आते थे। इसके लिए उन्हें बाकायदा दुबे से इजाजत लेनी पड़ती थी। बिना इजाजत लिए पानी भरने पर वह बेरहमी से पिटाई करता। कई बार तो उसने ऐसा करने वालों को कुएं में गिराकर मार डालने तक की कोशिश की थी।

बता दे, साल 2001 में जब प्रदेश में राजनाथ सिंह के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में थी तो विकास दुबे ने संतोष शुक्ला नामक मंत्री स्तर के एक बीजेपी नेता की थाने में घुसकर दिनदहाड़े हत्या कर दी। इस घटना में 2 पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए थे। इस हत्याकांड के बाद विकास दुबे पूरे प्रदेश में छा गया और उसका खौफ इतना बढ़ा कि उसकी तूती बोलने लगी। इस हत्याकांड में विकास को गिरफ्तार तो किया गया, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी या अन्य लोगों ने उसके खिलाफ बयान नहीं दिया, जिसकी वजह से उसे रिहा कर दिया गया। विकास दुबे ने साल 2004 में कानपुर के केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या करवा दी। प्रदेश में जिस भी पार्टी की सरकार हो, विकास दुबे के किसी न किसी बड़े नेता से संबंध रहे और इसकी वजह से वह हर कांड के बाद बचता गया। विकास दुबे ने बाद में बीएसपी से जुड़ पंचायत स्तरीय चुनाव लड़ा और लंबे समय से वह या उसकी फैमिली में से कोई पंचायत चुनाव जीतता आ रहा है।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई 'स्पाइडर-मैन 4', नोलन की 'द ओडिसी' को भी पछाड़ा, ओपनिंग रिकॉर्ड में सिर्फ 'एवेंजर्स: एंडगेम' आगे
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई 'स्पाइडर-मैन 4', नोलन की 'द ओडिसी' को भी पछाड़ा, ओपनिंग रिकॉर्ड में सिर्फ 'एवेंजर्स: एंडगेम' आगे
घातक हिमस्खलन के तीन दिन बाद पीओके की चोटी पर मिला पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव
घातक हिमस्खलन के तीन दिन बाद पीओके की चोटी पर मिला पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव
घुटने की चोट के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, टीम इंडिया को बड़ा झटका
घुटने की चोट के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, टीम इंडिया को बड़ा झटका
दिल्ली में सांसद पप्पू यादव पर जूता फेंका, चाकू से हमले की साजिश का लगाया आरोप
दिल्ली में सांसद पप्पू यादव पर जूता फेंका, चाकू से हमले की साजिश का लगाया आरोप
स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे का तूफान, 3 दिन, 176 करोड़, शाहरुख, सलमान की बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे
स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे का तूफान, 3 दिन, 176 करोड़, शाहरुख, सलमान की बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे
पंजाब कांग्रेस में गहराई गुटबाजी, निलंबित पूर्व विधायक से मिले चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वारिंग पर बढ़ा दबाव
पंजाब कांग्रेस में गहराई गुटबाजी, निलंबित पूर्व विधायक से मिले चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वारिंग पर बढ़ा दबाव
रामायण पर बढ़ा विवाद, श्री रामलीला महासंघ की मांग, रिलीज से पहले दिखाई जाए फिल्म
रामायण पर बढ़ा विवाद, श्री रामलीला महासंघ की मांग, रिलीज से पहले दिखाई जाए फिल्म
सावन में बाल और नाखून काटना कितना सही या गलत, जानिए धार्मिक नियम और इसके विभिन्न प्रभाव
सावन में बाल और नाखून काटना कितना सही या गलत, जानिए धार्मिक नियम और इसके विभिन्न प्रभाव
विश्व कप 2027: भुवनेश्वर कुमार की वापसी की उठी मांग, पूर्व दिग्गज बोले- चयनकर्ताओं को करनी चाहिए बात
विश्व कप 2027: भुवनेश्वर कुमार की वापसी की उठी मांग, पूर्व दिग्गज बोले- चयनकर्ताओं को करनी चाहिए बात
वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा भरोसा, ईस्ट जोन चयनकर्ताओं ने कहा- भविष्य में बन सकते हैं टीम इंडिया के कप्तान
वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा भरोसा, ईस्ट जोन चयनकर्ताओं ने कहा- भविष्य में बन सकते हैं टीम इंडिया के कप्तान
घायल को जब नहीं मिला कोई निर्माता, तब धर्मेंद्र बने बेटे सनी देओल की सबसे बड़ी ताकत
घायल को जब नहीं मिला कोई निर्माता, तब धर्मेंद्र बने बेटे सनी देओल की सबसे बड़ी ताकत
भारत का गलत नक्शा देख भड़कीं लवलीना बोरगोहेन, उत्तर-पूर्व गायब होने पर जताई कड़ी नाराजगी
भारत का गलत नक्शा देख भड़कीं लवलीना बोरगोहेन, उत्तर-पूर्व गायब होने पर जताई कड़ी नाराजगी
असम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रणदीप हुड्डा, राहत कार्य में निभाई सक्रिय भूमिका
असम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रणदीप हुड्डा, राहत कार्य में निभाई सक्रिय भूमिका
पेरू में पर्यटकों से भरा विमान दुर्घटनाग्रस्त, 13 लोगों की मौत; रहस्यमयी नाज़्का रेखाएं देखने जा रहे थे यात्री
पेरू में पर्यटकों से भरा विमान दुर्घटनाग्रस्त, 13 लोगों की मौत; रहस्यमयी नाज़्का रेखाएं देखने जा रहे थे यात्री